रविवार, 21 फ़रवरी 2021

नेल पोलिश का हिंदी रिव्यु, nail polish hindi review

कैसा है भाईलोग और शानेलोग, कल रात को अपन ने एक जबरदस्त ड्रामा देखा बोले तो कोई बीमारी में बारे में, मल्टीपल पर्सनालिटी डिसरेस्पेक्ट जो भी है समज के चलो, एक इंसान के अंदर दो लोग, ऐसा भी होता है क्या, तो अपुन को भी ये बीमारी है अपन बहोत शांत पर्सनालिटी है पर पीने के बाद अपुन को किसीने छेड़ा तो अपुन वायलेंट हो जाता है, साला क्या करता है अपुन को हीच पता नहीं, सवेरे को सब भूल जाता है की क्या किया था.

तो अपुन फिल्म की बात करता है क्या धांसू दिखायलाय नेल पोलिश, नाम सुनके लगताय किसी लड़की या मेबेलीन नेल पोलिश की बात हो रहेली है, पर इसमें २० साल पहलेका बॉडी बिल्डर अर्जुन रामपाल ने काम किया है, 'कसम खा के कहो' गाने में क्या हेयरस्टाइल क्या बॉडी दिखाएला था अभी वैसा कुछ देखनेको नहीं मिलेगा, पर अभी उसका धांसू एक्टिंग देखनेको ज़रूर मिलेगा. वैसा लगातार १२ पिक्चर डुबानेके बाद तो एक्टिंग सीख ही गया होगा. नेल पोलिश में धांसू वकील का काम किया है.

तो स्टोरी ऐसा है, एक ऐसा केस दिखाएला है जो बरसो के बाद एक बार आता है बिलकुल ग्रहण के माफिक! 

स्टार्टिंग में एक पेशेंट काच फोड़ते हुए दिखाएलाय फिर हैडलाइन आती है "फिर एक बार बच्चो की जली हुयी लाश बरामत". फिर एंट्री होता है पुलिस अफसर का  बोले तो समीर धर्माधिकारी का वो अपने फ्रेंड क्रिकेट कोच मानव कौल को मिलने आता है, दोनों सुख दुःख का बात करता है और समीर धर्माधिकारी बोलताय के उसको ५ साल से पड़ा हुआ केस मिला है, वहीच बच्चे लोग का मर्डर वाला फिर अपना इंटरेस्ट और बड़ा, अब आगे दिखायलाय २ कॉलेज का लड़का जंगल में घूमने आते है और उनको एक गाडी जलती हुयी दिखती है फिर अपने भारत के भविष्य दौड़के देखने जाते है तो जली हुयी बच्चों की लाशे दिखती है, फिर पुलिस आती है, उनको गाडी का नंबर बताते है, फिर अपना पुलिस बँगलेमे छापा मारते है और कुछ देखते है फिर सस्पेंस रखेला है. अपना इंटरेस्ट और बढ़ा 

फिर समीर धर्माधिकारी क्रिकेट ग्राउंड में आता है मानव कौल को अरेस्ट करनेको तो भारत के भविष्य बोलेतो युवा खिलाडी उनको पकडनेसे रोकनेकी कोशिश करते है पर बिना मचमच के लेके जाते है, अब एंट्री होती है अपने पहले वकील आनंद तिवारी की, वो अपने बच्चे की बर्थ डे की तैयारी कर रहा होता है उतनेमे केस लडनेका फ़ोन आता है, अब दूसरी एंट्री होती है अपने हीरो अर्जुन रामपाल की, एक लड़की उसको जूता मारती है क्योकि उसको टांग देताय अईसा दिखायलाय, अब मानव कौल को जेल में दिखायलाय, जेल में उसको ज्यादा खाना नहीं देते तो एक कैदी बोलता है इधर का भाई दादा शाह है उसको या तो टैक्स दो या अपनी इज़्ज़त ऐसे में क्रिमिनल जस्टिस की याद आती है.

फिर अर्जुन रामपाल को कोर्ट के लिए छावा बनकर निकलते दिखाया है एकदम डैशिंग निकलते वक़्त वो अपने मरे हुए बाप की फोटो को आय सी यु करके निकलता है, बोलेतो अपुन तेरेको देख रहेला है, अब अपना पहला वकील आनंद तिवारी कोर्ट में खटारा गाडी लेकर आता है फिर कोर्टरूम का ड्रामा चालू होता है, दरबान चिल्लाता है सरकार पधार रहे है और एंट्री होती है रजीत कपूर की ब्योमकेश बक्शी से अब जज बन गयेला है क्या प्रोग्रेस है, तो केस अईसा रहता है ३८ बच्चो के मर्डर का, अब गवाही देने को बुलाते है डेपुटी कमिश्नर समीर धर्माधिकारी को वो भी बिना हेयर डाई किया हुआ आता है पर सफ़ेद बालो में सचमुच का कमिश्नर लग रहा है, तो वो बताता है के पुलिसवालों ने मानव कौल के बँगलेपे छापा मारा तो बच्चे लोग को ज़ंज़ीर से बांधके रखा था फिर अर्जुन रामपाल केस को दूसरे नज़रियेसे दिखाता है फिर मिलती है अगली तारीख,

अब एंट्री होती है मधु की दारू पीकर डांस करतीय, मधु को पहचाना ना "शाम है धुआँ धुआँ" पे जबरदस्त डांस करनेवाली पर इसमें वैसा कुछ नहीं करती वो रजीत कपूर की बीवी दिखायलीय और "ये शाम की तन्हाईया ऐसे में तेरा गम" गाने पे दारु पीकर अकेली झूमती रहतीय. माँ कसम फूल और कांटे में जैसी थी वैसी हीच दिख रहेली थी तो फिर सब लोग मलाइका अरोरा के पीछे कायको भागते है फोटो खीचनेको, मधु के पीछे भागो ना, 

अब जेल में दिखायलाय दादा शाह का चमचा मानव कौल को बोलता है के भाई उसको लाइक करताय, तो वो चुपचाप सुन लेता है और सहेन करता है, फिर अदालत का सीन मानव कौल पर बच्चे लोग को गाला दबाकर और रेप करके मार डालनेका मुकदमा चलता है, बच्चे के माँ बाप रोते हुए गुस्से से मानव के तरफ देखते है, अब जेल में अंडा खाने को मिलता है और दादा शाह का आदमी  मानव कौल को अंडा खाने को नहीं देते तो वो चुपचाप से दादा शाह की तरफ बढ़ता है और चम्मच उसकी आँख में घुसेड़ता है बिलकुल वैसाहीच अपुन ने बचपन में देखा था फिर क्या दादा शाह के पंटर लोग दे धपाधप, दे धपाधप मानव कौल को फोड़ते है, इतना मजबूत मार पड़नेके बाद वो मल्टिपल पर्सनालिटी डिजास्टर का पेशेंट बन जाता है, अब मानव कौल अपनेको जानू रैना बताता है. बोलेतो लड़की का करैक्टर पकड़ लिया उसने फिर जो स्टार्टिंग में जो दिखाया था वो अब दिखायलाय, मतलब कांच तोड़ताय फिर अस्पताल में भर्ती, फिर अर्जुन रामपाल भागके आताय, अब चालू होताय क्लाइमेक्स वो अब पूरा लड़कीका का करैक्टर में बन जाताय, जेल का पंटर लोग उसका मजाक उडाताय.

अब अर्जुन रामपाल को लगताय की वो मज़ाक कर रहेला है वो उसको मजाक बंद करनेको बोलताय फिर टेनिस के माफिक कोर्ट में खेल चालू होता है दामिनी पिक्चर के जैसा, आप लोग देखो मैं नहीं बताएगा. पिक्चर के सस्पेंस को अर्जुन रामपाल ने मस्त खींचा है जैसा जानलेवा गाने में लकड़ा खिंचताय, मधु को देखके लगताय के फूल और कांटे का दूसरा पार्ट ज़रूर बनेगा, फिर अजय देवगन नाचेगा  "जिसे देख मेरा दिल धड़का", रजीत कपूर एकदम सिरियस जज दिखायलाय अपना टेन्शनवाला ज़िन्दगी संखालके जज का नौकरी बड़े अच्छे तरीके से करते हुए दिखायलाय. मानव कौल को देखके लगताय अभी उठके गाना गायेगा "बन मेरी रानी रानी, सुन मेरी".

बोलेतो एकदम टेन्शनवाला माहौल पैदा करता है नेल पोलिश. मैंने अजय देवगन का हक़ीक़त देखा है, कैसा मल्टिपल पर्सनालिटी डिस्ट्रॉयर का सहारा लेकर अक्षय खन्ना को येड़ा बनाता है. हक़ीक़त भी क्या धांसू पिक्चर थी ४४० वोल्ट का झटका, आनंद तिवारी को आल दी बेस्ट और अपुन की तरफ से नेल पोलिश को दस में से नौ खोका!

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