शुक्रवार, 25 जून 2021

कागज़ हिंदी रिव्यु, kaagaz hindi review

कैसा है मेरा गाववाला और शहरवाला लोग कल अपुन ने मस्त पिक्चर देखा और गांव का दर्शन भी कर लिया | पिक्चर का हीरो अपना वेबसेरीज़ का बादशाह जो थोड़े दिनों में बॉलीवुड का बादशाह भी बन सकता है | अपना पंकज त्रिपाठी | स्टोरी ऐसा है ८० के टाइम का तब इतना कानून सख्त नहीं था कोई किसीका भी जमीन हड़प कर जाता था और पता भी नहीं लगता था | कभी आपको लगा की आप मर गए हो मगर फिर भी जिन्दा हो | सोच में पड़ गया ना बताता हु कैसे | 

स्टोरी चालू होताय यू पी के आजमगढ़ गांव का उसमे पंकज त्रिपाठी एक बैंडवाला दिखालाय | जो शादी में बैंड बजाके अपना गुजारा करताय | तो वो अपनी बैंड बाजे की दूकान पे प्रैक्टिस कर रहा होता है | दूकान में उसको चूहा मिलता है और चूहे को नदी किनारे छोड़ देता है | इससे पता चलता है की वो कितना नरम दिल का आदमी है | अभी उसके दूकान पर एक पंडित बैठता है और उसको सलाह देताय के दूकान को बड़ा करनेका ताकि डबल कमाई हो | और उसकी बीवी भी बोलतिय लोन ले लो | तो पंकज त्रिपाठी लोन लेने के लिए सरकारी ऑफिस जाता है तो अफसर गारंटी पूछता है | तो पंकज त्रिपाठी बोलताय के उसकी पुश्तैनी जमीन है खलीलाबाद में चाची के साथ हिस्सेदारी में | अब वो निकल पड़ता है चाची के पास जमीन के बारे में बात करने के लिए | अब पिक्चर स्टार्ट होता है और गाना चलताय "बुलावे बुलावे बुलावे देसवा हमार" | 

अब चाची से मिलनेके बाद जाता है सरकारी ऑफिस में और अफसर उसके स्कूल का दोस्त निकलताय | तो अफसर फाइल चेक करताय तो उसमे पंकज त्रिपाठी मरा हुआ घोषित किया है | तो ऑफिस में बहुत मचमच होता है | उसको पोलिसवाले मारके भगाते है | अब वो चाची के पास जाता है तो चाची कहती है सच कह रहा है वो | अब वो सारा मामला समझ जाता है ये सब अपनों का ही रचाया हुआ खेल है | अभी घर पर उसकी बीवी मोनाल गुज्जर करवा चौथ मनाते हुए और पंकज त्रिपाठी बोलताय की हम तो मर चुके है | दूसरे दिन सारा गांव उसके घर पे जमा होता है जैसे किसी की मय्यत पे जमा होते है वैसाहीच | और वो गुस्से में घर से निकल जाता है | जब वो चाय पिने बाहर जाता है तो लोग उससे दूर भागते है उसका दिमाग ख़राब होता है | उसी रात को बीवी भी बोलती है के भूत के साथ सो रही हूँ | 

अभी सरपंचजीके पास जाता है मसला हल करनेको पर सरपंच नाचगाने में डूबा हुआ है | और पियेला होता है बोलता है मै लिखके देता हु के तुम ज़िंदा है | फिर सवेरे भूल जाता है | अब वो तहसीलदार को अर्जी भेजता है | फिर अर्जी पे अर्जी भेजता ही रहता है | एक दिन प्रधानमंत्री का जवाब आता है बीवी कंटाल जाती है ये सबसे | बीवी प्रेग्नेंट रहती है और लड़की होती है तो पंकज त्रिपाठी अपनी बच्ची को हाथ मै उठाके बोलताय उसको उसका मान सन्मान ज़रूर दिलवाएगा | 

अभी एंट्री होती है सतीश कौशिक की वो वकील दिखायलाय इसमें | वो केस लेने से पहले दो लोगो से मिलवाता है जो कागज़ पे मरे हुए दिखाए है | वो गिवअप करनेको बोलताय और बहोत खर्चा होगा ऐसा समझाताय फिर भी पंकज त्रिपाठी राजी होताय | और थोड़ा पॉजिटिव होताय | अभी एंट्री होतीय मीता वशिष्ट की वो नेता दिखायलीय | उसकी रैली जा रही होती है तो रैली के आगे ही धरना देने बैठ जाता है तभी एंट्री होती है प्रेसवाली की | नेहा चौहान की और वो अखबार में छाप देती है और पंकज त्रिपाठी सेलिब्रिटी बन जाता है | खबर देखके मीता मैडम बोलतिय इन्क्वायरी करनेको तो नेहा चौहान उसके घर पे जाती है उसको इंटरव्यू लेने को पंकज त्रिपाठी सलून में दाढ़ी बना रहेला होताय उसको देखके भाग जाताय फिर वो बोलतिय की वो उसको मदद करना चाहती है | 

अब पंकज त्रिपाठी नया प्लान बनाता है चाची के पोते को किडनैप करताय और फ़ोन करके बोलताय के मेरा हड़प कियेला जमीन मेरेको वापस करो | तभी उसका चचेरा भाई पुलिस में कंप्लेंट करने जाता है | तभी चाची के दिमाग की बत्ती जलती है | उसको रोकती है और उसकी चाल को समझ जाती है | अभी पंकज त्रिपाठी बोलताय बच्चे का मर्डर कर दिया ये भी झूठ निकलता है फिर खुद ही लाकर छोड़ देता है | फिर उसके चचेरे भाई पंकज त्रिपाठी को पीटते है और वो जाता है पुलिस स्टेशन में और पोलिसवाला पैसे लेता है फिर बोलता है अगले हफ्ते आने को | अभी मिटा वसिष्ट को मिलनेको जाता है वो बोलती है खुद को मरा हुआ बता फिर पंकज त्रिपाठी खुदका क्रियाकर्म करके जो लोग कागज़ के मरे हुए है उन सबको जमा करके अपनी एक  पार्टी बनाता है |

अभी अपनी नेता मिटा वसिष्ट विधानसभा में ये मुद्दा उठाती है | इसमें मदद करती है रिपोर्टर नेहा चौहान | इधर सतीश कौशिक अपना नया ऑफिस खोलता है और एक आईडिया देता है | पंकज त्रिपाठी अपनी बीवी को लेकर सरकारी ऑफिस जाता है विधवाओं की पेंशन के लिए क्योंकि उसकी बीवी तो विधवा हो चुकी है कागज़ पर | इसमें सरकारी अफसर बेइज्जती करता है तो वो गुस्से में अपने माँ के पास जाती है | अभी सुबह कहानी में बड़ा ट्विस्ट दुनिया का मशहूर टाइम मैगज़ीन में पंकज त्रिपाठी का फोटो आताय अभी आगे क्या धमाल होता है उसके लिए आपको देखना पड़ेगा पिक्चर कागज़ | इस प्रॉपर्टी का मामला बहुत बकवास होता है कोई किसीका नहीं होता इसके लिए भी कोई कानून होना चाहिए | पिक्चर देखते वक़्त गांव के मिटटी की खुशबू ज़रूर आएगी | पंकज त्रिपाठी और सतीश कौशिक की धांसू एक्टिंग के लिए १० में से ९ खोका और आल दी बेस्ट ऐसाहीच बढ़िया पिक्चर बनाओ |

 

गुरुवार, 24 जून 2021

Sherni story explain, शेरनी स्टोरी हिंदी मे

 कैसा है मेरा शेरदिल लोग, "आओ सुनाऊ शेर की एक कहानी" ये पिक्चर देखनेके बाद आपके मन में गाना आएगा ऐसा | पिक्चर का नाम है शेरनी और उसमे अपनी फेवरेट विद्या बालन जो डी एफ ओ अफसर दिखायलीय | बोलेतो जंगल के आदिवासी लोग का, जानवर लोग का निगरानी ऱखनेका क्योंकि शेर की तादात कम हो रहेली है | अपुन भी अपने एरिये का शेर है तो शुरू करते स्टोरी, मेरेको लगा पिक्चर में शेरनी के साथ विद्या बालन का मारामारी दिखाया होगा पर ऐसा कुछ नहीं है.

तो पिक्चर के शुरू में पेड़ पर कैमरा लगानेका काम चल रहा होता है शेर पर नज़र रखनेके लिए और जंगल का अफसर शेर का माफिक चलता है ताकि असली शेर कैसा दिखेगा कॅमेरे में ये देखनेके लिए | तभी एंट्री होती है विद्या बालन कि फिल्म कि असली शेरनी कि, वो इसमें जंगल की डी एफ औ दिखायलीय मतलब जंगल की बड़ी अफसर और आते ही बोलती है वाटरिंग होल सूखा क्यों है मतलब जानवर लोगो का पानी पिनेका जगह | तो अफसर बोलताय ठेकेदार ने पानी नहीं भरा | ठेकेदार एम् एल ऐ का रिश्तेदार है | तो बोलती है उसको मिलने के लिए बुलाओ तभी सामने भालू की एंट्री और उसको भगाते हे सब मिलके | अभी कुत्ता होता तो अपन भगा सकता है पर भालू और शेर सामने आया तो कैसा भगानेका

अभी दूसरे दिन ठेकेदार आता है मिठाई लेकर और विद्या बालन पूछती है वाटरिंग होल सूखा कायको रखा तुमको पैसा टाइम पे मिलता है न | तो ठेकेदार बोलताय अपुन जीजाजी का प्रचार में बिजी था माफ़ करना | तभी एंट्री होती है ब्रिजेन्द्र काला कि वो विद्या बालन का सीनियर दिखायलाय वो उस ठेकेदार को साइड में लेके जाता है | अभी रात को विद्या बालन अपने पति से वीडियो कॉलिंग कर रहेली होतीय | बोलती है प्रमोशन हो जायेगी तो काम छोड़ देगी पर पति मना करताय बोलताय मंदी चालू है मेरा भी प्रमोशन नहीं हुआ तू काम मत छोड़ |.दूसरे दिन विद्या बालन को फ़ोन आता है के शेर ने भैसे को मारा तभी सभी लोग उस जगह पर पहुँचते है और गाववालो के साथ बहस छिड़ जाती है | अपने जानवरो को चराने यहाँ मत लाओ तो गांववाले बोलते है | किधर जाए | फिर अफसर लोग "सावधान शेर" का बोर्ड लगाते है | 

अभी अफसर लोग का मीटिंग चल रहेला होताय तभी एंट्री होती है विजय राज की | वो जानवरो के डी एन ऐ की जांच करनेवाला दिखायलाय | अभी गांव में प्रोग्राम होता है इसमें विजय राज जानवरो के बारे में जनजागृति करताय | प्रोग्राम में एक आदमी शेर का मुखौटा पहनके बच्चो को हसाता है | और विजय राज अच्छी बात बताता है जंगल में मत जाओ शेर तुमको अपना खाना समजके खा जाएगा और वो विद्या बालन को भाषण करने के लिए बोलता है | तभी एम् एल ऐ का एंट्री अपने फंटर लोग के साथ और साथ में ब्रिजेन्द्र काला भी जो विद्या के हाथ से माइक लेके एम एल ऐ को देताय | और उसका बोलबच्चन चालू "मै जानवरो को फ़ोकट में चारा देगा बिजली के तारो का कंपाउंड बनाएगा". विद्या बालन को बुरा लगता है और वो साइड में आके खड़ी रहती है.

अभी दूसरे दिन बहुत बड़ा लफड़ा होता है एक गाववाला बकरी चराने जाता है जंगल में और शेर उसको मार देता है | विद्या बालन विजय राज के साथ जगह पर पहुँचती है डी एन ऐ का सैंपल लेने को के शेर है या शेरनी देखने के लिए तो वहाँ पर पूर्व एम एल ऐ खड़ा रहताय अपने फंटर लोग के साथ | वो अफसरों को लाश के पास जाने के लिए मना करताय पर विद्या भरोसा दिलाती है उसको फिर वो मान जाता है | अभी उस मरे हुए गांववाले के घर पे विद्या बालन मुआवजे का चेक लेकर जाती है उसकी बीवी को देती है | फिर गाववालो की अफसरों के साथ वही बहस जानवरो को जंगल में लेके नहीं जायेंगे तो जानवर खाएंगे क्या? |

अभी ऑफिस में सब अफसर लोग लैपटॉप में शेर का वीडियो देख रहेला होताय और बहस चालू शेर का नाम क्या है | अभी रात में अफसर लोग जंगल में शेर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाते है और साथ में बकरी भी रखते है चारे के तौर पर और गाववालो को बोलते है के शेर का निशान दिखा तो बतानेका | तभी खबर मिलती है शेर को देखनेकी और सब उस जगह पर दौड़ पड़ते है | बकरी को रखते है चारे के तौर पे और शेर को बेहोश करनेवाले इंजेक्शन बन्दूक में अटकाके छुप जाते है | अभी शेर नज़दीक आ ही जाता है तो गांव का एम एल ऐ अपने फंटर लोग के साथ शेर को पकड़ने आ जाता है और उसकी हीरोगिरी में शेर भाग जाता है | अभी एंट्री होती है शरत सक्सेना की वो एक अजीब आदमी दिखायलाय उसको शेर के बारे कुछ घंटा पता नहीं होताय फिर भी फ़ोकट का बोलबच्चन करते दिखायलाय की "मैं शेर की आँखों में देखके बता सकता हूँ के शेर आदमखोर है या नहीं" और बिना बातके शेर का शिकार करताय | अपने मजे के लिए जैसा विराट कोहली रन बनानेका भूखा होता है वैसे हीच | पर विद्या बालन उसको इस काम से दूर रहने के लिए कहती है. 

अभी अफसर लोग का प्रोग्राम चालू रहताय मस्त पार्टी चल रहेला होताय | उसमे ब्रिजेन्द्र काला गाना गाताय "अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का" विद्या पक जाती है गाना सुनके और साइड में दारु पिने बैठ जाती है | तभी एंट्री होती है नीरज काबी की वो एक दूसरे का हालचाल पूछते है और प्रोग्राम में जाते है | अभी लेडीज लोग नाच रहेली होती है "एक गरम चाय की प्याली हो" | क्या है के ऐसा प्रोग्राम हो तो थोड़ा काम से रिलैक्स मिलता है | अभी इधर खेत में औरत लोग खेतो का काम कर रहेली होती है और बच्चे जंगल में खेलने जाते है और ऐसा लगता है के शेर आएगा पर ऐसा होता नहीं उनकी माँ उनको वापस बुलाके डांटती है | अभी इधर नीरज काबी का सेमीनार चल रहा होताय और विद्या बालन सुन रही होती है तभी उसको फ़ोन आताय के आदमखोर शेरनी ने एक गांववाले को मार दिया | बहुत बड़ा लफड़ा अभी अफसर लोग गाड़ी लेके उस गांव में पहुँचते है तो गांववाले गुस्से में आके अफसर को मारते है और उनका गाडी जला डालते है | और पूर्व एम एल ऐ ऑफिस में जाते अपने फंटर लोग के साथ ब्रिजेन्द्र काला को पकड़ने उसको देखके ब्रिजेन्द्र काला छुप जाता है | उसकी हवा टाइट हो जाती है उसको पकड़ते है और डांटते है ये सब जल्दी ख़तम करो बोलके | 

अभी शरत सक्सेना को बुलाते है शेरनी को मारने के लिए और उसके लिए पूजा भी करवाते है | फिर निकलते है शेरनी का शिकार करने के लिए गाडी से जाते वक़्त एक शेर दिख जाता है और शरत सक्सेना निशाना लगाताय और अफसर उसको रोकता है के ये दूसरा शेर है और शरत सक्सेना गुस्सा हो जाता है | वो अफसर ब्रिजेन्द्र काला को बताता है के वो दूसरा शेर है | वो खाली अपना टाइमपास के लिए उसको गोली मार रहेला होताय | अभी इधर बोलबच्चन शुरू होताय दो नेता लोग का एक बोलताय शेर हमारा दुश्मन है दूसरा बोलताय गांव में मलेरिआ आया था तब डॉक्टर लेके नहीं आया अभी शिकारी लेके आया है | शरत सक्सेना बोलताय अगर शेर को नहीं मरोगे तो शेर तुम्हे मार देगा ऐसा ब्रेनवॉशिंग का काम चल रहा होता है गाववालो का | ये किस्सा बवाल हो जाता है पेपर में भी छप जाता है | 

अभी कहानी में नया ट्वीस्ट आता है शेरनी दो बच्चो को जनम देती है | बड़े ही प्यारे होते है और शरत सक्सेना बोलताय माँ आदमखोर तो बच्चे भी आदमखोर है | उनको भी गोली से उड़ाना होगा अब आगे क्या होताय ये आपको देखना होगा पूरा पिक्चर शेरनी | वैसे ये सब सेट बॉलीवुड कलाकार है | मेरेको लगा शरत सक्सेना का बॉडी देखके उसका शेरनी के साथ मारामारी दिखायेगा पर ऐसा नहीं दिखाया वैसे पिक्चर देखके एक बात तो पता चलती है के इंसान और जानवर में कोई फरक नहीं है, इंसान लालच में कब जानवर बन जाएगा क्या मालूम बिलकुल जूनून के राहुल रॉय के माफिक वैसे जंगल का सफर भी हो जाता है, शेरनी को अपुन की तरफ से ८ खोका और आल दी बेस्ट अमित मसूरकर को ऑस्कर के लिए!

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