कैसा है मेरा शेरदिल लोग, "आओ सुनाऊ शेर की एक कहानी" ये पिक्चर देखनेके बाद आपके मन में गाना आएगा ऐसा | पिक्चर का नाम है शेरनी और उसमे अपनी फेवरेट विद्या बालन जो डी एफ ओ अफसर दिखायलीय | बोलेतो जंगल के आदिवासी लोग का, जानवर लोग का निगरानी ऱखनेका क्योंकि शेर की तादात कम हो रहेली है | अपुन भी अपने एरिये का शेर है तो शुरू करते स्टोरी, मेरेको लगा पिक्चर में शेरनी के साथ विद्या बालन का मारामारी दिखाया होगा पर ऐसा कुछ नहीं है.
तो पिक्चर के शुरू में पेड़ पर कैमरा लगानेका काम चल रहा होता है शेर पर नज़र रखनेके लिए और जंगल का अफसर शेर का माफिक चलता है ताकि असली शेर कैसा दिखेगा कॅमेरे में ये देखनेके लिए | तभी एंट्री होती है विद्या बालन कि फिल्म कि असली शेरनी कि, वो इसमें जंगल की डी एफ औ दिखायलीय मतलब जंगल की बड़ी अफसर और आते ही बोलती है वाटरिंग होल सूखा क्यों है मतलब जानवर लोगो का पानी पिनेका जगह | तो अफसर बोलताय ठेकेदार ने पानी नहीं भरा | ठेकेदार एम् एल ऐ का रिश्तेदार है | तो बोलती है उसको मिलने के लिए बुलाओ तभी सामने भालू की एंट्री और उसको भगाते हे सब मिलके | अभी कुत्ता होता तो अपन भगा सकता है पर भालू और शेर सामने आया तो कैसा भगानेका
अभी दूसरे दिन ठेकेदार आता है मिठाई लेकर और विद्या बालन पूछती है वाटरिंग होल सूखा कायको रखा तुमको पैसा टाइम पे मिलता है न | तो ठेकेदार बोलताय अपुन जीजाजी का प्रचार में बिजी था माफ़ करना | तभी एंट्री होती है ब्रिजेन्द्र काला कि वो विद्या बालन का सीनियर दिखायलाय वो उस ठेकेदार को साइड में लेके जाता है | अभी रात को विद्या बालन अपने पति से वीडियो कॉलिंग कर रहेली होतीय | बोलती है प्रमोशन हो जायेगी तो काम छोड़ देगी पर पति मना करताय बोलताय मंदी चालू है मेरा भी प्रमोशन नहीं हुआ तू काम मत छोड़ |.दूसरे दिन विद्या बालन को फ़ोन आता है के शेर ने भैसे को मारा तभी सभी लोग उस जगह पर पहुँचते है और गाववालो के साथ बहस छिड़ जाती है | अपने जानवरो को चराने यहाँ मत लाओ तो गांववाले बोलते है | किधर जाए | फिर अफसर लोग "सावधान शेर" का बोर्ड लगाते है |
अभी अफसर लोग का मीटिंग चल रहेला होताय तभी एंट्री होती है विजय राज की | वो जानवरो के डी एन ऐ की जांच करनेवाला दिखायलाय | अभी गांव में प्रोग्राम होता है इसमें विजय राज जानवरो के बारे में जनजागृति करताय | प्रोग्राम में एक आदमी शेर का मुखौटा पहनके बच्चो को हसाता है | और विजय राज अच्छी बात बताता है जंगल में मत जाओ शेर तुमको अपना खाना समजके खा जाएगा और वो विद्या बालन को भाषण करने के लिए बोलता है | तभी एम् एल ऐ का एंट्री अपने फंटर लोग के साथ और साथ में ब्रिजेन्द्र काला भी जो विद्या के हाथ से माइक लेके एम एल ऐ को देताय | और उसका बोलबच्चन चालू "मै जानवरो को फ़ोकट में चारा देगा बिजली के तारो का कंपाउंड बनाएगा". विद्या बालन को बुरा लगता है और वो साइड में आके खड़ी रहती है.
अभी दूसरे दिन बहुत बड़ा लफड़ा होता है एक गाववाला बकरी चराने जाता है जंगल में और शेर उसको मार देता है | विद्या बालन विजय राज के साथ जगह पर पहुँचती है डी एन ऐ का सैंपल लेने को के शेर है या शेरनी देखने के लिए तो वहाँ पर पूर्व एम एल ऐ खड़ा रहताय अपने फंटर लोग के साथ | वो अफसरों को लाश के पास जाने के लिए मना करताय पर विद्या भरोसा दिलाती है उसको फिर वो मान जाता है | अभी उस मरे हुए गांववाले के घर पे विद्या बालन मुआवजे का चेक लेकर जाती है उसकी बीवी को देती है | फिर गाववालो की अफसरों के साथ वही बहस जानवरो को जंगल में लेके नहीं जायेंगे तो जानवर खाएंगे क्या? |
अभी ऑफिस में सब अफसर लोग लैपटॉप में शेर का वीडियो देख रहेला होताय और बहस चालू शेर का नाम क्या है | अभी रात में अफसर लोग जंगल में शेर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाते है और साथ में बकरी भी रखते है चारे के तौर पर और गाववालो को बोलते है के शेर का निशान दिखा तो बतानेका | तभी खबर मिलती है शेर को देखनेकी और सब उस जगह पर दौड़ पड़ते है | बकरी को रखते है चारे के तौर पे और शेर को बेहोश करनेवाले इंजेक्शन बन्दूक में अटकाके छुप जाते है | अभी शेर नज़दीक आ ही जाता है तो गांव का एम एल ऐ अपने फंटर लोग के साथ शेर को पकड़ने आ जाता है और उसकी हीरोगिरी में शेर भाग जाता है | अभी एंट्री होती है शरत सक्सेना की वो एक अजीब आदमी दिखायलाय उसको शेर के बारे कुछ घंटा पता नहीं होताय फिर भी फ़ोकट का बोलबच्चन करते दिखायलाय की "मैं शेर की आँखों में देखके बता सकता हूँ के शेर आदमखोर है या नहीं" और बिना बातके शेर का शिकार करताय | अपने मजे के लिए जैसा विराट कोहली रन बनानेका भूखा होता है वैसे हीच | पर विद्या बालन उसको इस काम से दूर रहने के लिए कहती है.
अभी अफसर लोग का प्रोग्राम चालू रहताय मस्त पार्टी चल रहेला होताय | उसमे ब्रिजेन्द्र काला गाना गाताय "अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का" विद्या पक जाती है गाना सुनके और साइड में दारु पिने बैठ जाती है | तभी एंट्री होती है नीरज काबी की वो एक दूसरे का हालचाल पूछते है और प्रोग्राम में जाते है | अभी लेडीज लोग नाच रहेली होती है "एक गरम चाय की प्याली हो" | क्या है के ऐसा प्रोग्राम हो तो थोड़ा काम से रिलैक्स मिलता है | अभी इधर खेत में औरत लोग खेतो का काम कर रहेली होती है और बच्चे जंगल में खेलने जाते है और ऐसा लगता है के शेर आएगा पर ऐसा होता नहीं उनकी माँ उनको वापस बुलाके डांटती है | अभी इधर नीरज काबी का सेमीनार चल रहा होताय और विद्या बालन सुन रही होती है तभी उसको फ़ोन आताय के आदमखोर शेरनी ने एक गांववाले को मार दिया | बहुत बड़ा लफड़ा अभी अफसर लोग गाड़ी लेके उस गांव में पहुँचते है तो गांववाले गुस्से में आके अफसर को मारते है और उनका गाडी जला डालते है | और पूर्व एम एल ऐ ऑफिस में जाते अपने फंटर लोग के साथ ब्रिजेन्द्र काला को पकड़ने उसको देखके ब्रिजेन्द्र काला छुप जाता है | उसकी हवा टाइट हो जाती है उसको पकड़ते है और डांटते है ये सब जल्दी ख़तम करो बोलके |
अभी शरत सक्सेना को बुलाते है शेरनी को मारने के लिए और उसके लिए पूजा भी करवाते है | फिर निकलते है शेरनी का शिकार करने के लिए गाडी से जाते वक़्त एक शेर दिख जाता है और शरत सक्सेना निशाना लगाताय और अफसर उसको रोकता है के ये दूसरा शेर है और शरत सक्सेना गुस्सा हो जाता है | वो अफसर ब्रिजेन्द्र काला को बताता है के वो दूसरा शेर है | वो खाली अपना टाइमपास के लिए उसको गोली मार रहेला होताय | अभी इधर बोलबच्चन शुरू होताय दो नेता लोग का एक बोलताय शेर हमारा दुश्मन है दूसरा बोलताय गांव में मलेरिआ आया था तब डॉक्टर लेके नहीं आया अभी शिकारी लेके आया है | शरत सक्सेना बोलताय अगर शेर को नहीं मरोगे तो शेर तुम्हे मार देगा ऐसा ब्रेनवॉशिंग का काम चल रहा होता है गाववालो का | ये किस्सा बवाल हो जाता है पेपर में भी छप जाता है |
अभी कहानी में नया ट्वीस्ट आता है शेरनी दो बच्चो को जनम देती है | बड़े ही प्यारे होते है और शरत सक्सेना बोलताय माँ आदमखोर तो बच्चे भी आदमखोर है | उनको भी गोली से उड़ाना होगा अब आगे क्या होताय ये आपको देखना होगा पूरा पिक्चर शेरनी | वैसे ये सब सेट बॉलीवुड कलाकार है | मेरेको लगा शरत सक्सेना का बॉडी देखके उसका शेरनी के साथ मारामारी दिखायेगा पर ऐसा नहीं दिखाया वैसे पिक्चर देखके एक बात तो पता चलती है के इंसान और जानवर में कोई फरक नहीं है, इंसान लालच में कब जानवर बन जाएगा क्या मालूम बिलकुल जूनून के राहुल रॉय के माफिक वैसे जंगल का सफर भी हो जाता है, शेरनी को अपुन की तरफ से ८ खोका और आल दी बेस्ट अमित मसूरकर को ऑस्कर के लिए!
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