कैसा है मजनू लोग! वन साइड लवर लोग, ज़िन्दगी में हर कोई प्यार करताय पर प्यार में सक्सेस सब नहीं होते कोई सुनील शेट्टी भाई की तरह अपने प्यार को पाने के लिए इंतज़ार करताय, कोई एक प्यार करके कंटालताय और दूसरा ढूँढताय, पर प्यार में अपना ज़िन्दगी बर्बाद करनेवालों के लिए एक सबक है ये पिक्चर, नाम है चमन बहार इसमें अपना पंचायत वाले जीतेन्द्र कुमार ने काम कियेलाय, काम क्या कियेलाय पूरा छा गया बावा, लगताय आगे जाकर खान लोग का जगह पे बैठनेवाला है पंकज त्रिपाठी के साथ
तो चमन बहार का स्टोरी ऐसा है. जीतेन्द्र कुमार रात को एक सपना देखताय के उसका पान का स्टाल होताय और लोगो को मस्त पान बनाके खिला रहेलाय, जब नींद से जागताय तो देखताय सामने भालू खड़ा, क्योंकि वो वॉचमन का नौकरी करताय और उधर ऐसा जानवर लोग रात को घुमताहीच रहेताय, फिर नौकरी छोड़के एक दूकान भाड़े पे लेता है, और सपना सच होताय, जीतेन्द्र कुमार अपने बाप को बोलताय, अपने को नाम बनानेका है तो फिर ये नौकरी कायको, अभी दूकान भी ऐसा जगह पे है जहा मक्खी ज्यादा और गिराहक लोग कम, बोले तो एकदम सन्नाटा, फिर दो डैडी लोग आते है खुशहाली पूछनेको दूकान पर, डैडी लोग बहुत बड़ा झोलर होनेका एकदम चिंदीचोर बोलेतो, इसका टोपी उसके सर,
अभी धंदापानी नहीं इसलिए कंटालके रातको घर पे आता है तो जीतेन्द्र कुमार का पप्पा उसको लक्ष्मी माता का फोटो देताय और सवेरे जब वो फोटो दूकान में लगाताय तब चमत्कार, सामने लक्ष्मी प्रकट होती है, लक्ष्मी बोले तो रितिका बड़ियानी टिक टोक की स्टार,अब सोचो, मज़ा आएगा दोनों का जुगलबंदी देखके ओटीटी के सुपरस्टार का और टिक टोक के स्टार का, लेकिन किधर, पूरा पिक्चर में एक लब्ज़ भी नहीं बोलती है, कैसा वो सुनो जैसे ही वो गाडी से उतरती है बारिश शुरू होती है, सन्नाटा एकदम रोमांटिक माहौल में बदल जाता है, क्लाइमेट चेंज बावा! पान की दुकान के सामने एक बँगलेमे रहने के लिए उसका फॅमिली आताय.
रितिका बड़ियानी का दर्शन उसको तब होताय जब वो कुतिया को बाहर गुमानेको लाती है, उसका पप्पा सब इंजीनियर रहता है और जीतेन्द्र कुमार को पूछता है कैडबरी है क्या? पर धंदा नहीं तो कैडबरी कैसे होगी, अब कैडबरी नहीं है फिर भी चींटी लोग का भीड़ जमा हो जाता है, बोलेतो भारत का भविष्य विद्यार्थी, स्टूडेंट ऑफ़ दी ईयर वैसाहीच कुछ
सब लोग उसके पान के ठेले पे जमा हो जाताय, और धंदा फलफुलताय, उसके गल्ले में लक्ष्मी आणि शुरू हो जातीय, इधर लड़को का ग्रुप आपस में भाभी किसकी? इस बात पे झगड़ा भी शुरू हो जाता है, हा हा हा हा, ऐसा अपुन स्कूल में करता था पर अपनेको लड़कीने हां बोलेलाय तो अपुन झगड़ा करताय पर इधर लड़की म्यूट पे दिखायलीय और लफड़ा चालू, अभी इधर रितिका बड़ियानी अपनी पामेरियन कुतिया को लेके बाहर गुमने को लेके आती है और सोनू निगम भाई का एंट्री बोले तो उसका गाना चालू
"दो का चार तेरे लिए सोलह" एकदम मूड फ्रेश गाना, गाने में रितिका जीतेन्द्र कुमार के खटिये के चक्कर लगाती है सायकल लेके,
जैसे ही स्कूटी पे बाहर निकलती है सब बाइक वाला उसके पीछे, अब ज़बरदस्त कमाई होने के बाद जीतेन्द्र कुमार अपने पप्पा के लिए अंग्रेजी दारु और मटन लेके जाता है और पप्पा को प्राउड फील होताय जैसे अपने पप्पा को हुआ था.
अभी लव स्टोरी में गुंडा लोग नहीं होगा, ऐसा कैसा चलेगा. जूना पिक्चर में मस्त दिखता था, गुंडा लोग का लास्ट में ढिशूम ढिशूम और हैप्पी एंडिंग अब वैसा नहीं रहा. पहला विलेन आज़म खान जो नेता का लड़का दिखायलाय, अपना जीप में पंटर लोग को लेके विकास की बत्ती का प्रमोशन करताय, उसको जीतेन्द्र कुमार के पान का स्वाद अच्छा लगताय और रितिका बड़ियानी की ख़ूबसूरती, अभी दो झोलर डैडी लोग दूसरा विलेन को भी उकसाकर पान के ठेले में लेके आताय, दूसरा विलेन बोलेतो अश्विनी कुमार, अभी दो डैडी झोलर लोग गेम खेलते है, आज़म खान से पैसे लेताय क्यारम चालू करनेको ताकि पान की दूकान की आड़ में रितिका बड़ियानी का दर्शन हो सके, पर इधर अश्विनी कुमार क्यारम स्पोंसर करताय, इस कान का खबर उस कान को भी नहीं होती है, अभी दो डैडी लोग और जीतेन्द्र कुमार एक संन्यासी बाबा के साथ चिल्लम मारते हुए दिखाई देते है. वो बाबा प्यार में हारा हुआ दिखाया है.
अभी इसमें एंट्री मारता है तीसरा विलेन डीएफओ का लड़का एकदम चरसी दिखायलाय बोलेतो चैन स्मोकर एकदम वट में, अभी रितिका बड़ियानी बाहर आती है अपनी कुतिया के साथ और भारत के भविष्य एकदम सावधान हो जाते है सब कुत्ते के माफिक उसको घूरते रह्तेय, अब अश्विनी कुमार कुतिया को पुचकारताय और रितिका से आँख मिलाताय, ये देखकर सब लोग हक्का बक्का रह जाते है, जैसा रेसलिंग में कोई तगड़ा पहलवान आताय टक्कर देनेको वैसा सबको लगताय, इसमें आलम खान भी पीछे नहीं रहताय वो रितिका बड़ियानी के स्कूल में जाताय सत्कार करनेको, काहेका सत्कार फ़ोकट का शाइनिंग मारताय पर कुछ बात नहीं बनती.
अभी क्यारम के बाद दूकान में सट्टा सुरु होताय, बेटिंग! इस बात की के रितिका बड़ियानी को कौन पटायेगा, उसमे अपना जीतेन्द्र कुमार टेंशन में पानी पूरा सर से ऊपर जाताय, वो अभी डिसाइड करताय के आय लव यु बोलनेका कैसे भी करके, तो वो एक दिमाग लगाता है एक शराब का बोतल ख़रीदताय और एक अंग्रेजी लिखनेवालों को देताय लव लेटर लिखनेको, फिर पता चलताय वो भी रितिका का आशिक़ निकलताय, अब करे तो क्या करे?
अब रोजका माफिक रितिका अपनी पामेरियन को बाहर गुमानेको लाती है, एक आवारा कुत्ता उसपे भोंकता है, और जीतेन्द्र कुत्ते को भगाता है, अभी रितिका आँखों से उसको थैंक्स बोलतिय और अपना हीरो सातवे आसमान पे, और दीवानगी के मारे अपने हाथ पर टैटू निकलवाता है आर नाम का, बड़े पत्थर पे नाम लिखता है 'बिल्लू की रिंकू' और सपना देखताय रिंकू की स्कूटी पंक्चर हो गयेली है और वो साइकिल पे लिफ्ट देताय और राजा के माफिक सड़क पे निकलताय और रास्ते में तीनो विलेन, डैडी और सारे पंटर लोग उसका रास्ता रोकताय फिर नींद से जागताय अब वो एकदम उतावला हो जाताय के आय लव यु बोलनेका मतलब बोलनेका, अब सही मौकेका इंतज़ार करनेका और अपने रास्ते के कांटे को एक एक करके साफ़ करनेका
दूसरे दिन जीतेन्द्र कुमार क्यारम किसका ये बात ओपन करताय और दो डैडी लोग का भांडा फोड़ताय तो क्यारम खेलके जो जीता वो क्यारम का किंग ये डिसाइड होताय, और क्यारम के मैच में अश्विनी कुमार नेता आज़म खान को हराताय तो अश्विनी कुमार क्यारम का किंग, अब रोजका माफिक रितिका बड़ियानी कुतिया को लेके गुमने आती है तो उधर डीएफओ का लड़का उसको ताड़ताय और गाना बजताय "भवरे ने खिलाया फूल, फूल को ले गया". जीतेन्द्र कुमार को वो गाना सच होता दीखताय तो वो डायरेक्ट डीएफओ को फ़ोन करके लडकेके नशे के बारे में बताता है तो पुलिसवाले उसको उठाके लेके जाते है, अब रास्ते का दूसरा काँटा भी साफ़,
अब अपना जीतेन्द्र कुमार खुद इंग्लिश बुक लेके लव लेटर लिखताय, और राह देखताय रितिका के आने का, अभी अश्विनी कुमार का पंटर लोग भी निकलताय "खून मांगे निकोटिन" बोलके रास्ता साफ़, अभी उसका बैड लक, कुतिया लेके उसका भाई आता है, पर जीतेन्द्र से रहा नहीं जाताय और वो लव लेटर उसके आँगन में फेक देताय फिर बैड लक रितिका बढियानी का पप्पा आता है बाहेर जाने के लिए और वो लेटर देख लेताय और हो गयी गड़बड़ वो सीधा जीतेन्द्र की तरफ आता है, किसने फेका करके? जीतेन्द्र बोलताय दो लोग फेकके गए.
अब शुरू होताय क्लाइमेक्स रितिका का पप्पा एक दबंग पुलिस वाले को बुलाताय फिर जो भरी लताड़ लगाताय जीतेन्द्र को, इज़्ज़त का कचरा बादमे तो और भी धमाल आता है तो आपको देखना पड़ेगा चमन बहार. मेरेको लगताय हर कोई किसी न किसी से प्यार करते उसका घंटो इंतज़ार करताय उसको देखनेके वास्ते, पर अपना ज़िन्दगी दांव पे लगाना किधर का होशियारी है. माँ बाप पाल पोसकर इसलिए बड़ा करताय की अपनी ज़िन्दगी का रिमोट किसी के हाथ में देदो और वो जो चाहे चैनल चालू करदे और तुम बन्दर की तरह नाचो
जीतेन्द्र कुमार वाकई इस बार भी कमाल दिखा गया. रितिका बढियानी बहोत मस्त लगी, पर कुछ बोलती तो अच्छा लगता, आज़म खान और अश्विनी कुमार ने भी बाज़ी मार ली अपुन की तरफ से इन सब लोगो को आल थे बेस्ट! चमन बहार को मेरी तरफ से दस में से आठ खोका!