बुधवार, 7 अप्रैल 2021

Jeet ki zid story explain, जीत कि ज़िद हिंदी स्टोरी

 कैसा है अपना भारतवासी लोग! वन्दे मातरम भारत माता की जय, ये सब इसलिए बोला क्योंकि आज अपुन के पिक्चर का सब्जेक्ट ही यहीच है एक फौजी का स्टोरी, जो कैसे मुश्किल हालातो का सामना करके आगे बढ़्ताय | अपुन के माफिक नहीं प्रॉब्लम आया तो पेग मारनेका | एक धांसू पिक्चर देखा अपुन रातभर जागके, नाम है जीत की ज़िद | तो स्टोरी चालू करताय इसमें एक फौजी दिखायलाय हीरो है अमित साध और एकदम रियल स्टोरी है क्या! 

इसमें एक्शन, इमोशन और रोमांस भी है. और ये स्टोरी ३ स्टेज पे दिखाई है बचपन वाला अमित साध, ट्रेनिंग वाला अमित साध और प्रेजेंट में मतलब चालू स्टोरी| अब स्टार्टिंग में हीरो का एंट्री दिखायलाय एकदम पानी के अंदर हाथ बांधके रखेलाय उसको छोड़नेका और वो रस्सी खोलताय और बाहर आता है. और पानी से बाहर निकलते टाइम क्या एंट्री क्या बॉडी दिखायलाय एकदम वॉर का ह्रितिक का माफिक जैसा ह्रितिक रोशन हेलीकाप्टर से उतरताय बिलकुल वैसहिच, 

अब गाना बजता है "गिरा उठा चला लड़खड़ाया मैं मौत को धता पता बताके आया" कसम से बदन में जोश सा आ गया गाना सुनके अभी उधर आतंकवादी लोग ने स्कूल का बच्चा लोग को पकड़ के रखा है और अमित साध को अपने बचपन की बात याद आती है | के उसका बड़ा भाई रेस में जीतता है और छोटा अमित साध लास्ट आता है, फिर छोटा अमित साध हाई जम्प में मना करने के बाद भी हिस्सा लेता है और गिर जाता है, तो सब लोग उसपर हसते है | 

अब उसका फॅमिली डिसाइड करता है कश्मीर जानेका उसका बड़ा भाई NDA में एडमिशन लेता है बोलेतो फौजी बननेका पहला स्टेज तो वहा रास्ते में फौजी लोग दीखते है तो दोनों भाई उनको सलूट मारते है ये देखके मुझे भी बहोत अच्छा लगा अपुन लोग को भी पोलिसवाला और आर्मीवाले लोग को देखके सलूट मारना चाहिए क्योंकि त्यौहार और अपनों से दूर अपनी ड्यूटी करते है ये लोग इसलिए अपुन सब सेफ है. 

जय हिन्द! सभी आर्मी, पुलिस और डॉक्टर लोग को, तो अभी आगे प्रेजेंट में दिखायलाय अमित साध अपने साथियो के साथ गाडी में जा रहेला होताय तभी अफसर का फ़ोन आताय और वो अफसर से परमिशन माँगताय अफसर मना करताय पर फिर भी वो गाडी लेके स्कूल में जाता है जहा बच्चे लोग को बंदी बनाके रखा है, अभी अमित साध सब को लेकर प्लान बनाताय के कैसे छुडानेका | सब होने के बाद डायरेक्ट अटैक करते है स्कूल में, सभी आतंकवादी को मार गिराताय फौजी लोग, अभी इस फाइटिंग में अमित साध को चोट लगताय | सभी लड़की लोग को छुड़ाते है तो एक लड़की के बदन में बम लगाकर रखा होताय तो उसको डीफुस करते है | 

अभी स्टोरी थोड़ी पीछे चलती है अमित साध अभी डायरेक्ट ट्रेनिंग का सीन दिखाया है | तभी सुशांत सिंह की एंट्री वो स्पेशल फोर्स का ट्रेनर दिखायलाय एकदम रावडी, जैसा १६ दिसंबर में दिखायलाय बिलकुल वैसाच | अभी फिरसे अमित साध का बचपन वाला सीन दिखायलाय उसका फॅमिली कश्मीर जाताय तो उनको आतंकवादी किडनैप करताय और हाथ बांधके रखताय तभी फौजी भाईलोग आकर उधर अटैक करताय और एक आतंकवादी उसके बड़े भाई को उठाकर अंदर के कमरेमे लेके जाताय और इधर फौजी लोग छोटे अमित साध और उसकी माँ को बाहर लेके जाते है तभी बहोत बड़ा बम फटता है | उस ब्लास्ट में उसके बड़े भाई की मौत हो जाती है | अब समझ में आता है अपने बड़े भाई का सपना अमित साध पूरा करना चाहता है | 

अभी टाइटल सॉन्ग "गिरा उठा चला लड़खड़ाया मैं मौत को धता पता बताके आया" | अभी स्टोरी फिर प्रेजेंट में चालू अपना अमित साध अस्पताल में भर्ती दिखायलाय | उसका अफसर उसको चिल्लाता है के क्यों परमिशन नहीं सुना क्यों ऑर्डर्स फॉलो नहीं किया अभी स्टोरी ट्रेनिंग के टाइम की दिखाई है की बॉक्सिंग का मैच चल रहा होताय तभी एंट्री होती है अली गोनी की | क्या मस्त बॉक्सिंग का फाइट दिखायलाय अली गोनी और अमित साध का, वो मस्त चकमा देताय अली गोनी को, वो मैच हारताय पर बहोत टफ देताय | 

इसमें उन दोनों का दोस्ती होताय एकदम जिगरी दोस्त | तो यारी दोस्ती में रातको पार्टी कर रहे होते है तो कॉलेज का रखवाला दोनों को पकड़ताय और सजा देताय हाथ में साइकिल लेके १०० चक्कर लगानेका मैदान का | अभी दोनों हीरो लोग लड़कियों के कॉलेज के बाहर इंतज़ार करते है | और दो लड़की लोग का स्कूटर ठीक करके इम्प्रेस करते है जैसे अपुन ने किया था अपनी गर्लफ्रेंड का | अभी लड़की लोग को IMA के प्रोग्राम के लिए इन्विटेशन देते है | वो लड़की लोग आती भी है फिर डांस करते है | 

अभी स्टोरी प्रेजेंट में दिखाई है | इधर अली गोनी की शादी तय होती है और अमित साध हॉस्पिटल से भागता है शादी में जाने के लिए अभी फौजी लोग के स्टोरी में थोड़ा रोमांस तो होना ही चाहिए तो शादी में पहुंचके उसकी मुलाकात होती है अमृता पूरी से, फिर बातचीत, इंट्रोडक्शन, नाच गाना और अमृता पूरी की क्यूट स्माइल | अभी स्टोरी फिर से ट्रेनिंग में जाती है जब अमित साध पॅरा फ़ोर्स में एडमिशन लेताय | अभी ट्रेनिंग के वक़्त वो लेट पहुँचता है तो अफसर लोग उसको १६ किलोमीटर दौड़के आने को बोलते है | इधर अपुन को २ किलोमीटर चलनेको कंटाला आताय | अभी ट्रेनिंग चालू बोलेतो खतरनाक ट्रेनिंग टायर के बीच में पैर रखकर भागनेका, पूरा ग्रुप बड़ा सा पेड़ कंधे पे लेके भागनेका, रातको जबरदस्ती नींद से उठाते है | पुश अप मारनेका और वो भी तालाब में मुँह रखकर सर निचे झुका तो सीधा मुँह में पानी | 

अभी ट्रेनर सुशांत सिंह टास्क देता है जोड़ी बनाके एक दूसरेको पीठ पे उठाकर भागनेका आधे रस्ते में पार्टनर चेंज करनेका | अभी अमित साध को बड़े से पहलवान फौजी को पीठ पे लेके जानेको बोलते है और वो भी पूरा रास्ता बिना रुके बिना पार्टनर चेंज किये ये देखकर अपुन टेंशन में आ गया | फिर अमित साध पहलवान को उठाकर लेके आता है सिर्फ ३० सेकंड लेट होताय और उसकी फाइल पे सुशांत सिंह अनसूटेबल लिखते है | उसको बहोत गुस्सा आता है | अली गोनी समझाता है पीछे हटनेको, लेकिन अपना अमित साध तो नेवर गिव अप वाला तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं | 

अभी स्टोरी बचपन में जाती है  छोटा अमित साध रेसिंग में फर्स्ट आता है और उसका IMA का लेटर आताय तो पिताजी मना करते है | फिर भी वो जाताय अभी स्टोरी फिर ट्रेनिंग में सुशांत सिंह उसको नदी के किनारे रेंगनेको बोलताय उसका शॉर्ट सरकताय फिर भी वो रेंगके जाताय तो यहीच है जीत की ज़िद बराबर नाम रखा है पिक्चर का | अभी आगे का ज़िद सुनो फिर ट्रेनिंग के वक़्त कुछ फौजी लोग ट्रेनिंग में लेट आते है | तो ट्रेनर पूछताय इनको सजा देनेका के नहीं तो ४ लोग बोलताय माफ़ करनेका, तो उन 4 लोगो को साइड में लेके गुलाटी मारनेका सजा देताय | अभी स्टोरी फिर प्रेजेंट में हॉस्पिटल में अमित साध की माँ का फ़ोन आताय के शादी कब करेगा तो वो फ़ोन रख देताय तभी वो लेटर लिखताय अमृता पूरी को और वो मिलनेको आती है फिर दोनों घुमनेको जाते है | 

फिर स्टोरी ट्रेनिंग में शुरू, अभी जानलेवा टास्क बोलेतो अपुन ने नेशनल जियोग्राफी में देखा था स्विमिंग पूल में डुबाके रखते है फौजी लोग को और पेशेंस चेक करताय फौजी लोग का, तो कोई छोड़के चला भी जाताय वैसहिच इसमें भी दिखायलाय सभी लोगो को स्विमिंग पूल में डुबाते है बाहर आने नहीं देते फिर मुँह में नक़ाब डालके पानी डालते है, बर्फ पर लिटाते है बादमे शॉक देते है. एकदम भयानक, ये सब टास्क को पार करनेके बाद पॅरा कमांडो बनता है अपना अमित साध अपने मरे हुए भाई का सपना पूरा करता है | फिर कमांडो लोग का डेमो ट्रायल चालू रहताय मतलब किसी को किडनैप किया तो कैसा छुडानेका इसको भी पार करताय और पॅरा कमांडो बनता है | अभी सुशांत सिंह उसको बधाई देता है कैसा? कांच के गिलास में व्हिस्की होती है तो गिलास दांत से तोडनेका और व्हिस्की पिनेका, तो  गिलास तोड़के सेलिब्रेट करते है, चीयर्स! 

अभी अमित साध शादी के लिए प्रोपोज़ करता है अमृता पूरी को | तभी हॉस्पिटल में न्यूज़ देखताय के पाकिस्तान ने हमला किया है तो वो अपना इंगेजमेंट कैंसिल करवाता है और ड्यूटी पे जाता है | अभी पूरा इंग्लिश पिक्चर के माफिक दिखायलाय चॉपर से अपनी सेना उतरती है, २ आतंकवादी को गोली मारती है | फिर प्लान बनाते है उधर दुश्मन का कैंप होताय तो पहला टेलीफोन का वायर काटते है | फिर रिपेयरिंग वाला आता है उसको भी मारते है | और डायरेक्ट अटैक भारत माता की जय!.

पाकिस्तान वालो का टॉप सीक्रेट अपने कब्जे में करते है | अभी एक छुपा हुआ आतंकवादी अमित साध पर अटैक करता है | उसके पैर और पेट पे गोली लगती है | उसके साथी उसका पल्स चेक करते है | अभी अमृता पूरी टेंशन में इधर ऑपरेशन चल रहा होता है अमृता पूरी रोते हुए दिखाई है | अभी सर्जरी होती है और पैर साथ नहीं देते बोलेतो अमित साध अभी चल नहीं सकता | अभी उसको ट्रेनर बननेके लिए लेटर आताय और अमित साध व्हीलचेयर पे बैठा हुआ दिखायलाय फिर उसकी लाइफ में क्या होता है बोलेतो अप एंड डाउन जैसे फौजी लोग के बाकि की ज़िन्दगी में होता है | आप सब लोगो को ज़रूर देखना चाहिए जीत की ज़िद इसमें थोड़ा बहोत नाना पाटेकर की प्रहार के जैसा ही फील होता है पर थोड़ा डिफरेंट है | हर बार की तरह इस बार भी अमित साध ने जबरदस्त एक्टिंग कियेला है उसको १० में से १० खोका मेरी तरफ से और आल दी बेस्ट हॉलीवुड पिक्चर मिल जाए इसके लिए

मंगलवार, 6 अप्रैल 2021

पगलैट स्टोरी हिंदी में, pagglait story explained in hindi

कैसा है फॅमिली वाले लोग आज मैं आपको एक स्टोरी बताएगा, एक कंफ्यूज करनेवाला पिक्चर, नाम है पगलैट इस पिक्चर को बनायेला है बालाजी टेलीफिल्म्स वालोने, जो पब्लिक को येड़ा बनानेका काम करती है | अभी इनका पिक्चर है तो ज़रूर कुछ गंदगी होगी, ऐसा लगता है इनकी ज़िंदगीका मकसद ही यहीच है, तो चलो स्टोरी शुरू करताय, स्टार्टिंग में दिखाएलाय शांतिकुंज नाम का घर और चेतन शर्मा के सर पर उस्तरा घुमाते हुए और साथ में आसिफ खान और रघुवीर यादवजी, तो आसिफ खान उसका मजाक उडाताय के शाकाल के माफिक दिख रहेला है, तो रघुवीर यादव डाँटताय फिर समझ में आता है के कोई मर गया है, चेतन शर्मा का बड़ा भाई आस्तिक. 

अभी एंट्री होती है अम्माजीकी बोलेतो मेघना मालिक फ़ोन पे बात करते हुए, के लड़का कैसे मरा, लड़की मांगलिक तो नहीं है| शांतिकुंज में बहोत भीड़, फिर बेटे की मौत पे रोनेवाली शीबा चड्ढा जो आशुतोष राणा की बीवी दिखाएली है | उसका लड़का मर गया आस्तिक, अभी आशुतोष राणा की एंट्री, घर पर गद्दे मंगवाता है और गद्देवाला ज़्यादा रेट बोलताय फिर दुखी होकर आशुतोष राणा बोलताय बेटा गुजर गया मेरा जो रेट चल रहा है वही रेट देंगे | अब एंट्री होती है पिक्चर के हीरोइन की सान्या मल्होत्रा की, उसके माता पिता दरवाजे पर आते है 

और दरवाजे की घंटी बजाते है और गाना बजता है विद्या बालन का "उलाला उलाला तू है मेरी फैंटसी" तो गाना सुनके रघुवीर यादवजी चीड़ जाते है और बेल की घंटी बदलनेको बोलते है | तभी शीबा चड्ढा आकर सान्या मल्होत्रा के माँ बाप को दुःख के मारे गले लगाती है | फिर ऊपर कमरेमे जाकर सान्या मल्होत्रा को गले लगाते है अब समझ में आता है के सान्या मल्होत्रा आशुतोष राणा की बहु और मरे हुए आस्तिक की विधवा दिखाएली है | मगर उसकी आँखों में न आंसू न ही पति के मर जाने का गम पता नहीं ऐसा क्यों | अभी शीबा चड्ढा उसके माँबाप के लिए चाय लेके आ रहेली होती है तो सान्या मल्होत्रा उनको अपने लिए पेप्सी लाने को बोलती है फिर सबके चेहरे पे सवाल "साला हो क्या रहा है"

अब इतनेमे चेतन शर्मा चिल्लाता है के उसके कमरेमे से पलंग किसने निकाला | तो रघुवीर यादवजी बोलते है मैंने निकलवाया और बोलते है "मरा हुआ बेटा अभी भी यही है १३ दिन तक आत्मा घर के बाहर रहती है बाहर टंगी हुयी मटकी में आस्तिक का खाना पीना उसी में है, १० दिन तक पिंड से प्रेत शरीर बनता हैं, और १३ दिन प्रेत शरीर यमलोक की यात्रा के लिए निकल पड़ता है, क्योंकि अंतिम संस्कार तुमने किया अब तेरहवी तक सिगरेट, शराब, गुटका, सब बंद एक टाइम खाना और ज़मीन पर सोना" और तभी सान्या आकर शीबा चड्ढा को बोलती है उसके पापा चाय में चीनी नहीं लेते, 

अभी इतना स्टोरी सुनने के बाद आप लोग तय करो के पिक्चर कॉमेडी है या इमोशनल है, आगे और बताता हूँ ऊपर चेतन शर्मा जाते ही गुस्सा हो उठता है, इस रिवाज़ से | इधर सान्या मल्होत्रा अपनी माता पिता का बैग खोलतीय और देखतीय सफ़ेद साडी उनको बोलतीय कितने दिन तक रुकेंगे आप | अभी एंट्री होती है गुल्लक के हीरो जमील खान की और उनकी बीवी दिखायलीय यामिनी सिंह की | अभी मेघना मालिक उनके गले मिलती है और यामिनी सिंह बोलती है हमको लगा के घर में बूढी दादी माँ गुजर गयी है | फिर जमील खान इंग्लिश में शेक्स्पीर की लाइन बोलता है | अभी मेघना मालिक के जाने के बाद यामिनी सिंह उसकी बुराई करती है बोलतीय उसका पति उसको छोड़के दुबई चला गया | 

अभी इधर आगे पिक्चर में मजा आता है दरवाजे की घंटी बजती है उलला उलला करके, पर घंटी दरवाजे की नहीं मेरे दिल की भी बजी घर में एंट्री होती है सान्या की फ्रेंड श्रुति शर्मा की | क्या ब्यूटीफुल आँखे है उसकी, इसमें वो मुसलमान दिखाएली है और इससे रघुवीर यादवजी चीड़ जाते है, अभी श्रुति शर्मा डायरेक्ट उसके कमरेमे जाती है और बोलती है मैंने फेसबुक पर देखा और सान्या बोलती है २३५ कमैंट्स भी थे | तभी आसिफ खान ऊपर आते है श्रुति शर्मा का सामान लेके साफ़ पता चलताय वो उसपर लाइन मार रहेला है | तभी सान्या मल्होत्रा उसको पेप्सी और चिप्स लाने को बोलती है | 

अभी रात को सब लोग खाना खाने बैठते है तभी रघुवीर यादवजी सान्या के माता पिता को कुछ दिन तक घर पर रखनेको बोलताय तभी जमील भाई इंग्लिश में कुछ बोलते है | यहाँ पर भी समझ नहीं आता, पूरा ट्राडेजी और कॉमेडी का मिलावट कियेला है | अभी श्रुति शर्मा सान्या के कमरेमे उसको डांटती है के क्या हो गया है तुझे ऐसा कायको कर रहेली है सान्या की माँ उसकी सुखी मिर्च से नज़र उतारतीय घर में धुआँ होताय तभी शीबा चड्ढा उसको डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पैन और आधार कार्ड तैयार रखने के लिए बोलती है | तभी आसिफ खान आता है श्रुति शर्मा को बाहर घुमाने ले लिए और छत पर रघुवीर यादवजी दारु पीते हुए दिखायले और सीढ़ी पर चेतन शर्मा सिगरेट पीते हुए दोनों एक दूसरे को पकड़ते है | 

अभी इधर स्टोरी में बदलाव आता है, सान्या मल्होत्रा अलमारी खोलती है तो उसको फोटो मिलती है सयानी गुप्ता की फोटो देखके उसके चेहरेका रंग बदल जाता है | उसको जेलेस फील होता है फोटो पर लिखा होता है फॉर माय लव | सान्या मल्होत्रा की रातों की नींद उड़ जाती है | उसका बिंदास्त चेहरा अब टेंशन में बदल जाता है | फिर गाना चालू ...

अभी सुबह रघुवीर यादवजी अस्थि विसर्जन के लिए निकलते है वही पे जमील खान भी तैयार बैठते है तो उनको आने के लिए मना करते है बोलते है गाडी में जगह नहीं है ऐसे में जमील भाई नाराज़ होते है | अभी रघुवीर यादवजी आशुतोष राणा जी से अस्थि की पर्ची के बारे में पूछता है  तभी आसिफ खान बोलते है मेरे पास है वो पर्ची, इसमें वो उसको मारते है | अभी एंट्री होती है राजेश तेलंग की और उनकी बीवी दिखाई है अनन्या खरे अभी इनकी एंट्री पर थोड़ा बवाल होता है के इतना लेट कायकू आये फिर पुराना झगड़ा और गलतफहमियां निकलती है | 

इधर सान्या मल्होत्रा को गोलगप्पे खाने का मन करता है | उधर आशुतोष राणा और रघुवीर यादवजी गंगा घाट पहुँचते है गाड़ी लेकर और गाड़ी के पीछे सब पंडित लोग भागते हुए दिखायले, तब आशुतोष राणा इमोशनल होकर बोलते है हमारा बेटा मरा है डिस्काउंट मिलेगा, तभी बाहर चप्पल की निगरानी करने के लिए आसिफ खान को बोलते है और उसकी आँखों में गुस्सा | अभी इधर एक डायरेक्शन दिखाएलाय के चेतन शर्मा भाई का कार्य कर रहा होता है और उधर सान्या गोलगप्पे खाते हुए दिखायलीय और वापस आते वक़्त अपने मरे हुए पति को गाली देती है और लॉजिक लगाती है की जितेजी आदमी चोरी करे या रेप करे पर उसकी अस्थिया गंगा में न डुबाये तो स्वर्ग में जगह नहीं मिलती अब आप लोग सोचो इस पिक्चर में ये सब जबरदस्ती दिखानेकी कोशिश कियेलाय के नहीं के पुराने विचारो और रिवाज़ो का आज कोई वैल्यू नहीं है |

अभी राजेश तेलंग का लड़का दिखाएलाय लोन के बारे में बात करते हुए उसको खुदका होटल खोलनेका होता है | अब घर में एंट्री होती है सयानी गुप्ता की बोलेतो आस्तिक की गर्लफ्रेंड की, सान्या उसको लेकर अपने कमरेमे जाती है और पूछती है तुम्हारा क्या चक्कर था आस्तिक के साथ तो वो बोलती है के शादी से पहले प्यार था पर मेरे घरवाले नहीं माने इसलिए शादी नहीं की | अभी रातमे शीबा चड्ढा आशुतोष राणा को तसल्ली देती है के चिंता मत करो मेरे गुरूजी सब ठीक कर देंगे भगवान परीक्षा ले रहा है इसपर आशुतोष राणा बोलते है गुरुजीको बोलो लोन चुकानेको | अभी आप लोग भी समाज गया होगा के मनोरंजन के आड़ में अपना प्रोपेगंडा चलानेका काम किया बालाजी टेलीफिल्म्स वालो ने | 

अभी चेतन शर्मा सान्या मल्होत्रा के कमरेमे जाता है अपने भाई के तेरहवी का अखबार में छपवाने के लिए | अब सान्या और सयानी दोनों होटल में मिलते है और पूछते है तुमको आस्तिक ने कितनी बार आई लव यू बोला जब प्यार में थे तब क्या क्या किया | इधर रात में सब लोग बैठके सान्या की शादी के बारे में बात करते है के आगे क्या करना है उसका बायो डाटा वेबसाइट पर डालनेकी बात करते है | अब आता है पिक्चर का मेन क्लाइमेक्स सवेरे सवेरे घर आता है इन्शुरन्स वाला, बोलताय आस्तिक ने अपनी बीवी के नाम पॉलिसी निकाली थी उसके 50 लाख रूपए मिलेंगे सान्या मल्होत्रा को, अब शुरू होता है असली ड्रामा | 

अभी ये पिक्चर देखना ना देखना आप लोग डिसाइड कर लो मेरेको लगता है पिक्चर बनानेका असली मकसद तो हिंदुओंके के रीती रिवाज़ को गलत बताना यही है | बाकि आशुतोष राणा और रघुवीर यादवजी छा गए बावा और अपुन को फिर से प्यार हो गया श्रुति शर्मा से!




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