कैसा है फॅमिली वाले लोग आज मैं आपको एक स्टोरी बताएगा, एक कंफ्यूज करनेवाला पिक्चर, नाम है पगलैट इस पिक्चर को बनायेला है बालाजी टेलीफिल्म्स वालोने, जो पब्लिक को येड़ा बनानेका काम करती है | अभी इनका पिक्चर है तो ज़रूर कुछ गंदगी होगी, ऐसा लगता है इनकी ज़िंदगीका मकसद ही यहीच है, तो चलो स्टोरी शुरू करताय, स्टार्टिंग में दिखाएलाय शांतिकुंज नाम का घर और चेतन शर्मा के सर पर उस्तरा घुमाते हुए और साथ में आसिफ खान और रघुवीर यादवजी, तो आसिफ खान उसका मजाक उडाताय के शाकाल के माफिक दिख रहेला है, तो रघुवीर यादव डाँटताय फिर समझ में आता है के कोई मर गया है, चेतन शर्मा का बड़ा भाई आस्तिक.
अभी एंट्री होती है अम्माजीकी बोलेतो मेघना मालिक फ़ोन पे बात करते हुए, के लड़का कैसे मरा, लड़की मांगलिक तो नहीं है| शांतिकुंज में बहोत भीड़, फिर बेटे की मौत पे रोनेवाली शीबा चड्ढा जो आशुतोष राणा की बीवी दिखाएली है | उसका लड़का मर गया आस्तिक, अभी आशुतोष राणा की एंट्री, घर पर गद्दे मंगवाता है और गद्देवाला ज़्यादा रेट बोलताय फिर दुखी होकर आशुतोष राणा बोलताय बेटा गुजर गया मेरा जो रेट चल रहा है वही रेट देंगे | अब एंट्री होती है पिक्चर के हीरोइन की सान्या मल्होत्रा की, उसके माता पिता दरवाजे पर आते है
और दरवाजे की घंटी बजाते है और गाना बजता है विद्या बालन का "उलाला उलाला तू है मेरी फैंटसी" तो गाना सुनके रघुवीर यादवजी चीड़ जाते है और बेल की घंटी बदलनेको बोलते है | तभी शीबा चड्ढा आकर सान्या मल्होत्रा के माँ बाप को दुःख के मारे गले लगाती है | फिर ऊपर कमरेमे जाकर सान्या मल्होत्रा को गले लगाते है अब समझ में आता है के सान्या मल्होत्रा आशुतोष राणा की बहु और मरे हुए आस्तिक की विधवा दिखाएली है | मगर उसकी आँखों में न आंसू न ही पति के मर जाने का गम पता नहीं ऐसा क्यों | अभी शीबा चड्ढा उसके माँबाप के लिए चाय लेके आ रहेली होती है तो सान्या मल्होत्रा उनको अपने लिए पेप्सी लाने को बोलती है फिर सबके चेहरे पे सवाल "साला हो क्या रहा है" |
अब इतनेमे चेतन शर्मा चिल्लाता है के उसके कमरेमे से पलंग किसने निकाला | तो रघुवीर यादवजी बोलते है मैंने निकलवाया और बोलते है "मरा हुआ बेटा अभी भी यही है १३ दिन तक आत्मा घर के बाहर रहती है बाहर टंगी हुयी मटकी में आस्तिक का खाना पीना उसी में है, १० दिन तक पिंड से प्रेत शरीर बनता हैं, और १३ दिन प्रेत शरीर यमलोक की यात्रा के लिए निकल पड़ता है, क्योंकि अंतिम संस्कार तुमने किया अब तेरहवी तक सिगरेट, शराब, गुटका, सब बंद एक टाइम खाना और ज़मीन पर सोना" और तभी सान्या आकर शीबा चड्ढा को बोलती है उसके पापा चाय में चीनी नहीं लेते,
अभी इतना स्टोरी सुनने के बाद आप लोग तय करो के पिक्चर कॉमेडी है या इमोशनल है, आगे और बताता हूँ ऊपर चेतन शर्मा जाते ही गुस्सा हो उठता है, इस रिवाज़ से | इधर सान्या मल्होत्रा अपनी माता पिता का बैग खोलतीय और देखतीय सफ़ेद साडी उनको बोलतीय कितने दिन तक रुकेंगे आप | अभी एंट्री होती है गुल्लक के हीरो जमील खान की और उनकी बीवी दिखायलीय यामिनी सिंह की | अभी मेघना मालिक उनके गले मिलती है और यामिनी सिंह बोलती है हमको लगा के घर में बूढी दादी माँ गुजर गयी है | फिर जमील खान इंग्लिश में शेक्स्पीर की लाइन बोलता है | अभी मेघना मालिक के जाने के बाद यामिनी सिंह उसकी बुराई करती है बोलतीय उसका पति उसको छोड़के दुबई चला गया |
अभी इधर आगे पिक्चर में मजा आता है दरवाजे की घंटी बजती है उलला उलला करके, पर घंटी दरवाजे की नहीं मेरे दिल की भी बजी घर में एंट्री होती है सान्या की फ्रेंड श्रुति शर्मा की | क्या ब्यूटीफुल आँखे है उसकी, इसमें वो मुसलमान दिखाएली है और इससे रघुवीर यादवजी चीड़ जाते है, अभी श्रुति शर्मा डायरेक्ट उसके कमरेमे जाती है और बोलती है मैंने फेसबुक पर देखा और सान्या बोलती है २३५ कमैंट्स भी थे | तभी आसिफ खान ऊपर आते है श्रुति शर्मा का सामान लेके साफ़ पता चलताय वो उसपर लाइन मार रहेला है | तभी सान्या मल्होत्रा उसको पेप्सी और चिप्स लाने को बोलती है |
अभी रात को सब लोग खाना खाने बैठते है तभी रघुवीर यादवजी सान्या के माता पिता को कुछ दिन तक घर पर रखनेको बोलताय तभी जमील भाई इंग्लिश में कुछ बोलते है | यहाँ पर भी समझ नहीं आता, पूरा ट्राडेजी और कॉमेडी का मिलावट कियेला है | अभी श्रुति शर्मा सान्या के कमरेमे उसको डांटती है के क्या हो गया है तुझे ऐसा कायको कर रहेली है सान्या की माँ उसकी सुखी मिर्च से नज़र उतारतीय घर में धुआँ होताय तभी शीबा चड्ढा उसको डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पैन और आधार कार्ड तैयार रखने के लिए बोलती है | तभी आसिफ खान आता है श्रुति शर्मा को बाहर घुमाने ले लिए और छत पर रघुवीर यादवजी दारु पीते हुए दिखायले और सीढ़ी पर चेतन शर्मा सिगरेट पीते हुए दोनों एक दूसरे को पकड़ते है |
अभी इधर स्टोरी में बदलाव आता है, सान्या मल्होत्रा अलमारी खोलती है तो उसको फोटो मिलती है सयानी गुप्ता की फोटो देखके उसके चेहरेका रंग बदल जाता है | उसको जेलेस फील होता है फोटो पर लिखा होता है फॉर माय लव | सान्या मल्होत्रा की रातों की नींद उड़ जाती है | उसका बिंदास्त चेहरा अब टेंशन में बदल जाता है | फिर गाना चालू ...
अभी सुबह रघुवीर यादवजी अस्थि विसर्जन के लिए निकलते है वही पे जमील खान भी तैयार बैठते है तो उनको आने के लिए मना करते है बोलते है गाडी में जगह नहीं है ऐसे में जमील भाई नाराज़ होते है | अभी रघुवीर यादवजी आशुतोष राणा जी से अस्थि की पर्ची के बारे में पूछता है तभी आसिफ खान बोलते है मेरे पास है वो पर्ची, इसमें वो उसको मारते है | अभी एंट्री होती है राजेश तेलंग की और उनकी बीवी दिखाई है अनन्या खरे अभी इनकी एंट्री पर थोड़ा बवाल होता है के इतना लेट कायकू आये फिर पुराना झगड़ा और गलतफहमियां निकलती है |
इधर सान्या मल्होत्रा को गोलगप्पे खाने का मन करता है | उधर आशुतोष राणा और रघुवीर यादवजी गंगा घाट पहुँचते है गाड़ी लेकर और गाड़ी के पीछे सब पंडित लोग भागते हुए दिखायले, तब आशुतोष राणा इमोशनल होकर बोलते है हमारा बेटा मरा है डिस्काउंट मिलेगा, तभी बाहर चप्पल की निगरानी करने के लिए आसिफ खान को बोलते है और उसकी आँखों में गुस्सा | अभी इधर एक डायरेक्शन दिखाएलाय के चेतन शर्मा भाई का कार्य कर रहा होता है और उधर सान्या गोलगप्पे खाते हुए दिखायलीय और वापस आते वक़्त अपने मरे हुए पति को गाली देती है और लॉजिक लगाती है की जितेजी आदमी चोरी करे या रेप करे पर उसकी अस्थिया गंगा में न डुबाये तो स्वर्ग में जगह नहीं मिलती अब आप लोग सोचो इस पिक्चर में ये सब जबरदस्ती दिखानेकी कोशिश कियेलाय के नहीं के पुराने विचारो और रिवाज़ो का आज कोई वैल्यू नहीं है |
अभी राजेश तेलंग का लड़का दिखाएलाय लोन के बारे में बात करते हुए उसको खुदका होटल खोलनेका होता है | अब घर में एंट्री होती है सयानी गुप्ता की बोलेतो आस्तिक की गर्लफ्रेंड की, सान्या उसको लेकर अपने कमरेमे जाती है और पूछती है तुम्हारा क्या चक्कर था आस्तिक के साथ तो वो बोलती है के शादी से पहले प्यार था पर मेरे घरवाले नहीं माने इसलिए शादी नहीं की | अभी रातमे शीबा चड्ढा आशुतोष राणा को तसल्ली देती है के चिंता मत करो मेरे गुरूजी सब ठीक कर देंगे भगवान परीक्षा ले रहा है इसपर आशुतोष राणा बोलते है गुरुजीको बोलो लोन चुकानेको | अभी आप लोग भी समाज गया होगा के मनोरंजन के आड़ में अपना प्रोपेगंडा चलानेका काम किया बालाजी टेलीफिल्म्स वालो ने |
अभी चेतन शर्मा सान्या मल्होत्रा के कमरेमे जाता है अपने भाई के तेरहवी का अखबार में छपवाने के लिए | अब सान्या और सयानी दोनों होटल में मिलते है और पूछते है तुमको आस्तिक ने कितनी बार आई लव यू बोला जब प्यार में थे तब क्या क्या किया | इधर रात में सब लोग बैठके सान्या की शादी के बारे में बात करते है के आगे क्या करना है उसका बायो डाटा वेबसाइट पर डालनेकी बात करते है | अब आता है पिक्चर का मेन क्लाइमेक्स सवेरे सवेरे घर आता है इन्शुरन्स वाला, बोलताय आस्तिक ने अपनी बीवी के नाम पॉलिसी निकाली थी उसके 50 लाख रूपए मिलेंगे सान्या मल्होत्रा को, अब शुरू होता है असली ड्रामा |
अभी ये पिक्चर देखना ना देखना आप लोग डिसाइड कर लो मेरेको लगता है पिक्चर बनानेका असली मकसद तो हिंदुओंके के रीती रिवाज़ को गलत बताना यही है | बाकि आशुतोष राणा और रघुवीर यादवजी छा गए बावा और अपुन को फिर से प्यार हो गया श्रुति शर्मा से!
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