सब भाई और बहेन लोग को अपना नमस्ते, सलाम. क्या है ना अपुन थिएटर मे बैठकर मारामारी, भाईचारा और मस्त गाना देखनेवाला ईन्सान है. पर आज अपुन भी रेव्यु करेगा बोलेतो पिक्चर का कुंङली बतायेगा. अपुन ने कल पुरा रात जागके एक पिक्चर देखा वो भी मोबाईल पर, वैसे जादा मोबाईल देखेगा तो आंख खराब होता है पर जो देखा वो मेरेको रातभर जागने पर मजबुर किया. चलो अपुन बताता हे वो पिक्चर हे क्रिमीनल जस्टीस. उसमे अपना भीङु जॅकी दादा भी था, क्या वट दिखाया ऊसका जेल मे एकदम शाकाल, मोगेम्बो के माफिक.
अपन शुरु से बताता है पिक्चर मे विक्रांत मेस्सी एक शरीफ मिङल क्लास फॅमिली का छोकरा दिखायेला है अभी मेस्सी बोले तो फुटबाॅल वाला मेस्सी याद आयेगा, ये अपना पंटर लोग के साथ फुटबाल का मॅच खेलके कप जीत जाताय, फिफा वाला नही सादा लोकल फुटबाॅल मॅच. तो सब मिलके शाम को मस्त पार्टी करनेका प्लान बनाताय. अपना मेस्सी लोन पे लिएला कॅब चलाके अपना फॅमिलीका गुजारा करताय. तो एक नशेङी लङकी ऊसकी कॅब मे बैठतीय, अभी मेस्सी को पार्टी मे जानेकाय ओर ऊस लङकीको किधर जानेकाय ङीसाईङ नही कर पा रही, वो भी टेंशन मे अपना हिरो भी टेंशन मे, फोकट मे टाइम खोटी हो रहेली है. फिर कंटालके वो घर चली जाती है और मोबाईल कॅब मे भुल जाती है. थोङी देर मे अपना मेस्सी फोन देखताय और ऊसके घर लौटाने को जाताय जेंटलमेन के माफिक, अगर अपना बंटा लोग को मिलता तो सीधा झोल कर ङालता,
हा तो वो घर पे जाताय मोबाईल देताय लङकी खुश होके दारु पीनेका इनविटेशन देतीय और अपना सुख दुख बाटतेय, मन हलका करतेय फिर वो छोकरी एक टेबलेट से नशा करतीय. पता नही जी कौनसा .... बादमे वो सब होता है जो आजका हिंदी पिक्चर मे होता है बिना शादी की सुहागरात.
तो अपना मेस्सी मॅच खेलके उठ जाता है ऊसको घर जानेकाय, ऊस लकङी को थॅक्यु बोलता है तो देखताय लङकी खुन मे लथपथ लथपथ अग्निपथ! साॅरी.
ऊस लङकी के पीठ मे कोई घपाघप वार करके गेम बजा ङालताय. अपना हिरो हैरान परेशान वहा से भागताय और पङोसका चाचा उसको देखताय फिर मेस्सी अपना कॅब से किसी मालदार पार्टी की गाङी को घबराहट मे ठोकताय. फिर पुलिस पकङ लेतीय, बिठा के रखतीय, पुछताछ करतीय, ऊतनेमे पङोसी चाचा ऊसको पहचानताय. वैसा मेरे पङोस का चाचा भी लफङे के टाइम मुंह मे दही जमा के बैठ जाताय, बादमे आताय शानपट्टी करनेको मेरे को भी ऊसको घपाघप देनेका दिल करताय.
तो अभी एंट्री होताय पंकज ञिपाठी फाङु ऐक्टर का, नाम सुनके लगताय कोई पुजापाठ करनेवाला पंङीत है, पर सच मे पंकज ञिपाठी अॅक्टिंग का पंङीत है, वकील का कपङा पेहनके जो ङायलाॅग का मंतर बोलेलाय ऊससे लगताय अपुनीच भगवान है. अरे सचमुच का पैसा खानेवाला वकील लग रहेला था उसमे. ऊसको चमङी का बीमारी दिखायेला हे. ऊसकी बिमारीकी जङ, ऊसकी गलत वकालत का नतीजा दिखायलाय वैसे गलती सबसे होता है, खुजली सबको होताय, अब खुजली का ईलाज करनेका या खुजानेका ये अपने हाथ मे है. फिर चालु होताय कोर्ट का ङ्रामा अदालत, वकील, तारीख पे तारीख, ईसमे भी दामिनीवाला चढ्ढा दिखायलाय. घायलवाला पुलिस ईन्सपेक्टर भी दिखायलाय, फिर बेचारे मेस्सी को जेल होती है. जेल मे सब जल्लाद वाले कैदी लोग, ऊसमे अपना हिरो कैसा गुजारा करता है बहोत ङेंजरस दिखायला है, मेस्सी पे गंदी नजर ङालनेवाले से लढनेका ताकद अपना भीङु जॅकी दादा देताय क्या मस्त दिखायलाय. मेरेको लगा गंदी नजर सिर्फ लङकी लोग पर पङता है, लङके लोग पे भी पङती है. अभी लङका लोग भी अपना ईज्जत बचाके चलो.
हा तो क्रिमीनल जस्टिस मे कोई हिरोईन नही है पर ञिपाठी वकील का साथ देती अनुप्रिया गोएंका, दिल ऊङा ले गयी अपना, अपुन का केस भी लङ लेती दिल चोरी किया अपना!
वैसे बोलते है शाने लोग पुलिस और कोर्ट के चक्कर से दुर ही रहते है. ईस कोर्ट कचेरी मे पैसा जमा करने मे मेस्सी का फॅमिलीवाले का क्या बेकार हालत दिखायलाय, पीठदर्द से परेशान बाप, पती से परेशान प्रेगनेंट बेहेन और बदनामी से मंदा चल रहेली दुकान चलाती माॅ. अपुन को बेहेन का काम साॅलिङ लगा बीच बीच मे प्यारी बहना पिक्चर याद आ रहेला था. अब इस पिक्चर मे आगे क्या होयगा इस टेंशन मे सब देख ङाला खाली पीली सस्पेंस पालनेका शौक नही अपुनको. जीसको भी जेल मे क्या होता है ये जाननेका जिग्यासा है वो जरुर देखेगा. आगे क्या होयेगा ये जानने के लिए ङिसनी हाॅटस्टार पर देखो
पंकज ञिपाठी अगला हिरो नं १ है ये मै दावे के साथ बोलताय ऊसको किसी सबुत की जरुरत नही! मां कसम अपुन भी वकील भी जुबान बोलने लग गया, ञिपाठी भाई का असर. अपन जग्गु दादा का केरेक्टर मरते दम तक नही भुलेगा. अनुप्रिया ऐसै हीच सबका साथ देती रहे जैसा रितीक का दिया था वाॅर मे. अपुन को याद है मिता वसिष्ठ गुलाम मे भी वकील दिखाई थी ईसमे भी मॅङम ढाॅसु वकील लग रही है. विक्रांत को अपुन कि तरफ से आल दी बेश्ट! अपुन की तरफ से क्रिमीनल जस्टीस को दस मे से नौ खोका!
Bahut badhiya
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