शुक्रवार, 25 जून 2021

कागज़ हिंदी रिव्यु, kaagaz hindi review

कैसा है मेरा गाववाला और शहरवाला लोग कल अपुन ने मस्त पिक्चर देखा और गांव का दर्शन भी कर लिया | पिक्चर का हीरो अपना वेबसेरीज़ का बादशाह जो थोड़े दिनों में बॉलीवुड का बादशाह भी बन सकता है | अपना पंकज त्रिपाठी | स्टोरी ऐसा है ८० के टाइम का तब इतना कानून सख्त नहीं था कोई किसीका भी जमीन हड़प कर जाता था और पता भी नहीं लगता था | कभी आपको लगा की आप मर गए हो मगर फिर भी जिन्दा हो | सोच में पड़ गया ना बताता हु कैसे | 

स्टोरी चालू होताय यू पी के आजमगढ़ गांव का उसमे पंकज त्रिपाठी एक बैंडवाला दिखालाय | जो शादी में बैंड बजाके अपना गुजारा करताय | तो वो अपनी बैंड बाजे की दूकान पे प्रैक्टिस कर रहा होता है | दूकान में उसको चूहा मिलता है और चूहे को नदी किनारे छोड़ देता है | इससे पता चलता है की वो कितना नरम दिल का आदमी है | अभी उसके दूकान पर एक पंडित बैठता है और उसको सलाह देताय के दूकान को बड़ा करनेका ताकि डबल कमाई हो | और उसकी बीवी भी बोलतिय लोन ले लो | तो पंकज त्रिपाठी लोन लेने के लिए सरकारी ऑफिस जाता है तो अफसर गारंटी पूछता है | तो पंकज त्रिपाठी बोलताय के उसकी पुश्तैनी जमीन है खलीलाबाद में चाची के साथ हिस्सेदारी में | अब वो निकल पड़ता है चाची के पास जमीन के बारे में बात करने के लिए | अब पिक्चर स्टार्ट होता है और गाना चलताय "बुलावे बुलावे बुलावे देसवा हमार" | 

अब चाची से मिलनेके बाद जाता है सरकारी ऑफिस में और अफसर उसके स्कूल का दोस्त निकलताय | तो अफसर फाइल चेक करताय तो उसमे पंकज त्रिपाठी मरा हुआ घोषित किया है | तो ऑफिस में बहुत मचमच होता है | उसको पोलिसवाले मारके भगाते है | अब वो चाची के पास जाता है तो चाची कहती है सच कह रहा है वो | अब वो सारा मामला समझ जाता है ये सब अपनों का ही रचाया हुआ खेल है | अभी घर पर उसकी बीवी मोनाल गुज्जर करवा चौथ मनाते हुए और पंकज त्रिपाठी बोलताय की हम तो मर चुके है | दूसरे दिन सारा गांव उसके घर पे जमा होता है जैसे किसी की मय्यत पे जमा होते है वैसाहीच | और वो गुस्से में घर से निकल जाता है | जब वो चाय पिने बाहर जाता है तो लोग उससे दूर भागते है उसका दिमाग ख़राब होता है | उसी रात को बीवी भी बोलती है के भूत के साथ सो रही हूँ | 

अभी सरपंचजीके पास जाता है मसला हल करनेको पर सरपंच नाचगाने में डूबा हुआ है | और पियेला होता है बोलता है मै लिखके देता हु के तुम ज़िंदा है | फिर सवेरे भूल जाता है | अब वो तहसीलदार को अर्जी भेजता है | फिर अर्जी पे अर्जी भेजता ही रहता है | एक दिन प्रधानमंत्री का जवाब आता है बीवी कंटाल जाती है ये सबसे | बीवी प्रेग्नेंट रहती है और लड़की होती है तो पंकज त्रिपाठी अपनी बच्ची को हाथ मै उठाके बोलताय उसको उसका मान सन्मान ज़रूर दिलवाएगा | 

अभी एंट्री होती है सतीश कौशिक की वो वकील दिखायलाय इसमें | वो केस लेने से पहले दो लोगो से मिलवाता है जो कागज़ पे मरे हुए दिखाए है | वो गिवअप करनेको बोलताय और बहोत खर्चा होगा ऐसा समझाताय फिर भी पंकज त्रिपाठी राजी होताय | और थोड़ा पॉजिटिव होताय | अभी एंट्री होतीय मीता वशिष्ट की वो नेता दिखायलीय | उसकी रैली जा रही होती है तो रैली के आगे ही धरना देने बैठ जाता है तभी एंट्री होती है प्रेसवाली की | नेहा चौहान की और वो अखबार में छाप देती है और पंकज त्रिपाठी सेलिब्रिटी बन जाता है | खबर देखके मीता मैडम बोलतिय इन्क्वायरी करनेको तो नेहा चौहान उसके घर पे जाती है उसको इंटरव्यू लेने को पंकज त्रिपाठी सलून में दाढ़ी बना रहेला होताय उसको देखके भाग जाताय फिर वो बोलतिय की वो उसको मदद करना चाहती है | 

अब पंकज त्रिपाठी नया प्लान बनाता है चाची के पोते को किडनैप करताय और फ़ोन करके बोलताय के मेरा हड़प कियेला जमीन मेरेको वापस करो | तभी उसका चचेरा भाई पुलिस में कंप्लेंट करने जाता है | तभी चाची के दिमाग की बत्ती जलती है | उसको रोकती है और उसकी चाल को समझ जाती है | अभी पंकज त्रिपाठी बोलताय बच्चे का मर्डर कर दिया ये भी झूठ निकलता है फिर खुद ही लाकर छोड़ देता है | फिर उसके चचेरे भाई पंकज त्रिपाठी को पीटते है और वो जाता है पुलिस स्टेशन में और पोलिसवाला पैसे लेता है फिर बोलता है अगले हफ्ते आने को | अभी मिटा वसिष्ट को मिलनेको जाता है वो बोलती है खुद को मरा हुआ बता फिर पंकज त्रिपाठी खुदका क्रियाकर्म करके जो लोग कागज़ के मरे हुए है उन सबको जमा करके अपनी एक  पार्टी बनाता है |

अभी अपनी नेता मिटा वसिष्ट विधानसभा में ये मुद्दा उठाती है | इसमें मदद करती है रिपोर्टर नेहा चौहान | इधर सतीश कौशिक अपना नया ऑफिस खोलता है और एक आईडिया देता है | पंकज त्रिपाठी अपनी बीवी को लेकर सरकारी ऑफिस जाता है विधवाओं की पेंशन के लिए क्योंकि उसकी बीवी तो विधवा हो चुकी है कागज़ पर | इसमें सरकारी अफसर बेइज्जती करता है तो वो गुस्से में अपने माँ के पास जाती है | अभी सुबह कहानी में बड़ा ट्विस्ट दुनिया का मशहूर टाइम मैगज़ीन में पंकज त्रिपाठी का फोटो आताय अभी आगे क्या धमाल होता है उसके लिए आपको देखना पड़ेगा पिक्चर कागज़ | इस प्रॉपर्टी का मामला बहुत बकवास होता है कोई किसीका नहीं होता इसके लिए भी कोई कानून होना चाहिए | पिक्चर देखते वक़्त गांव के मिटटी की खुशबू ज़रूर आएगी | पंकज त्रिपाठी और सतीश कौशिक की धांसू एक्टिंग के लिए १० में से ९ खोका और आल दी बेस्ट ऐसाहीच बढ़िया पिक्चर बनाओ |

 

गुरुवार, 24 जून 2021

Sherni story explain, शेरनी स्टोरी हिंदी मे

 कैसा है मेरा शेरदिल लोग, "आओ सुनाऊ शेर की एक कहानी" ये पिक्चर देखनेके बाद आपके मन में गाना आएगा ऐसा | पिक्चर का नाम है शेरनी और उसमे अपनी फेवरेट विद्या बालन जो डी एफ ओ अफसर दिखायलीय | बोलेतो जंगल के आदिवासी लोग का, जानवर लोग का निगरानी ऱखनेका क्योंकि शेर की तादात कम हो रहेली है | अपुन भी अपने एरिये का शेर है तो शुरू करते स्टोरी, मेरेको लगा पिक्चर में शेरनी के साथ विद्या बालन का मारामारी दिखाया होगा पर ऐसा कुछ नहीं है.

तो पिक्चर के शुरू में पेड़ पर कैमरा लगानेका काम चल रहा होता है शेर पर नज़र रखनेके लिए और जंगल का अफसर शेर का माफिक चलता है ताकि असली शेर कैसा दिखेगा कॅमेरे में ये देखनेके लिए | तभी एंट्री होती है विद्या बालन कि फिल्म कि असली शेरनी कि, वो इसमें जंगल की डी एफ औ दिखायलीय मतलब जंगल की बड़ी अफसर और आते ही बोलती है वाटरिंग होल सूखा क्यों है मतलब जानवर लोगो का पानी पिनेका जगह | तो अफसर बोलताय ठेकेदार ने पानी नहीं भरा | ठेकेदार एम् एल ऐ का रिश्तेदार है | तो बोलती है उसको मिलने के लिए बुलाओ तभी सामने भालू की एंट्री और उसको भगाते हे सब मिलके | अभी कुत्ता होता तो अपन भगा सकता है पर भालू और शेर सामने आया तो कैसा भगानेका

अभी दूसरे दिन ठेकेदार आता है मिठाई लेकर और विद्या बालन पूछती है वाटरिंग होल सूखा कायको रखा तुमको पैसा टाइम पे मिलता है न | तो ठेकेदार बोलताय अपुन जीजाजी का प्रचार में बिजी था माफ़ करना | तभी एंट्री होती है ब्रिजेन्द्र काला कि वो विद्या बालन का सीनियर दिखायलाय वो उस ठेकेदार को साइड में लेके जाता है | अभी रात को विद्या बालन अपने पति से वीडियो कॉलिंग कर रहेली होतीय | बोलती है प्रमोशन हो जायेगी तो काम छोड़ देगी पर पति मना करताय बोलताय मंदी चालू है मेरा भी प्रमोशन नहीं हुआ तू काम मत छोड़ |.दूसरे दिन विद्या बालन को फ़ोन आता है के शेर ने भैसे को मारा तभी सभी लोग उस जगह पर पहुँचते है और गाववालो के साथ बहस छिड़ जाती है | अपने जानवरो को चराने यहाँ मत लाओ तो गांववाले बोलते है | किधर जाए | फिर अफसर लोग "सावधान शेर" का बोर्ड लगाते है | 

अभी अफसर लोग का मीटिंग चल रहेला होताय तभी एंट्री होती है विजय राज की | वो जानवरो के डी एन ऐ की जांच करनेवाला दिखायलाय | अभी गांव में प्रोग्राम होता है इसमें विजय राज जानवरो के बारे में जनजागृति करताय | प्रोग्राम में एक आदमी शेर का मुखौटा पहनके बच्चो को हसाता है | और विजय राज अच्छी बात बताता है जंगल में मत जाओ शेर तुमको अपना खाना समजके खा जाएगा और वो विद्या बालन को भाषण करने के लिए बोलता है | तभी एम् एल ऐ का एंट्री अपने फंटर लोग के साथ और साथ में ब्रिजेन्द्र काला भी जो विद्या के हाथ से माइक लेके एम एल ऐ को देताय | और उसका बोलबच्चन चालू "मै जानवरो को फ़ोकट में चारा देगा बिजली के तारो का कंपाउंड बनाएगा". विद्या बालन को बुरा लगता है और वो साइड में आके खड़ी रहती है.

अभी दूसरे दिन बहुत बड़ा लफड़ा होता है एक गाववाला बकरी चराने जाता है जंगल में और शेर उसको मार देता है | विद्या बालन विजय राज के साथ जगह पर पहुँचती है डी एन ऐ का सैंपल लेने को के शेर है या शेरनी देखने के लिए तो वहाँ पर पूर्व एम एल ऐ खड़ा रहताय अपने फंटर लोग के साथ | वो अफसरों को लाश के पास जाने के लिए मना करताय पर विद्या भरोसा दिलाती है उसको फिर वो मान जाता है | अभी उस मरे हुए गांववाले के घर पे विद्या बालन मुआवजे का चेक लेकर जाती है उसकी बीवी को देती है | फिर गाववालो की अफसरों के साथ वही बहस जानवरो को जंगल में लेके नहीं जायेंगे तो जानवर खाएंगे क्या? |

अभी ऑफिस में सब अफसर लोग लैपटॉप में शेर का वीडियो देख रहेला होताय और बहस चालू शेर का नाम क्या है | अभी रात में अफसर लोग जंगल में शेर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाते है और साथ में बकरी भी रखते है चारे के तौर पर और गाववालो को बोलते है के शेर का निशान दिखा तो बतानेका | तभी खबर मिलती है शेर को देखनेकी और सब उस जगह पर दौड़ पड़ते है | बकरी को रखते है चारे के तौर पे और शेर को बेहोश करनेवाले इंजेक्शन बन्दूक में अटकाके छुप जाते है | अभी शेर नज़दीक आ ही जाता है तो गांव का एम एल ऐ अपने फंटर लोग के साथ शेर को पकड़ने आ जाता है और उसकी हीरोगिरी में शेर भाग जाता है | अभी एंट्री होती है शरत सक्सेना की वो एक अजीब आदमी दिखायलाय उसको शेर के बारे कुछ घंटा पता नहीं होताय फिर भी फ़ोकट का बोलबच्चन करते दिखायलाय की "मैं शेर की आँखों में देखके बता सकता हूँ के शेर आदमखोर है या नहीं" और बिना बातके शेर का शिकार करताय | अपने मजे के लिए जैसा विराट कोहली रन बनानेका भूखा होता है वैसे हीच | पर विद्या बालन उसको इस काम से दूर रहने के लिए कहती है. 

अभी अफसर लोग का प्रोग्राम चालू रहताय मस्त पार्टी चल रहेला होताय | उसमे ब्रिजेन्द्र काला गाना गाताय "अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का" विद्या पक जाती है गाना सुनके और साइड में दारु पिने बैठ जाती है | तभी एंट्री होती है नीरज काबी की वो एक दूसरे का हालचाल पूछते है और प्रोग्राम में जाते है | अभी लेडीज लोग नाच रहेली होती है "एक गरम चाय की प्याली हो" | क्या है के ऐसा प्रोग्राम हो तो थोड़ा काम से रिलैक्स मिलता है | अभी इधर खेत में औरत लोग खेतो का काम कर रहेली होती है और बच्चे जंगल में खेलने जाते है और ऐसा लगता है के शेर आएगा पर ऐसा होता नहीं उनकी माँ उनको वापस बुलाके डांटती है | अभी इधर नीरज काबी का सेमीनार चल रहा होताय और विद्या बालन सुन रही होती है तभी उसको फ़ोन आताय के आदमखोर शेरनी ने एक गांववाले को मार दिया | बहुत बड़ा लफड़ा अभी अफसर लोग गाड़ी लेके उस गांव में पहुँचते है तो गांववाले गुस्से में आके अफसर को मारते है और उनका गाडी जला डालते है | और पूर्व एम एल ऐ ऑफिस में जाते अपने फंटर लोग के साथ ब्रिजेन्द्र काला को पकड़ने उसको देखके ब्रिजेन्द्र काला छुप जाता है | उसकी हवा टाइट हो जाती है उसको पकड़ते है और डांटते है ये सब जल्दी ख़तम करो बोलके | 

अभी शरत सक्सेना को बुलाते है शेरनी को मारने के लिए और उसके लिए पूजा भी करवाते है | फिर निकलते है शेरनी का शिकार करने के लिए गाडी से जाते वक़्त एक शेर दिख जाता है और शरत सक्सेना निशाना लगाताय और अफसर उसको रोकता है के ये दूसरा शेर है और शरत सक्सेना गुस्सा हो जाता है | वो अफसर ब्रिजेन्द्र काला को बताता है के वो दूसरा शेर है | वो खाली अपना टाइमपास के लिए उसको गोली मार रहेला होताय | अभी इधर बोलबच्चन शुरू होताय दो नेता लोग का एक बोलताय शेर हमारा दुश्मन है दूसरा बोलताय गांव में मलेरिआ आया था तब डॉक्टर लेके नहीं आया अभी शिकारी लेके आया है | शरत सक्सेना बोलताय अगर शेर को नहीं मरोगे तो शेर तुम्हे मार देगा ऐसा ब्रेनवॉशिंग का काम चल रहा होता है गाववालो का | ये किस्सा बवाल हो जाता है पेपर में भी छप जाता है | 

अभी कहानी में नया ट्वीस्ट आता है शेरनी दो बच्चो को जनम देती है | बड़े ही प्यारे होते है और शरत सक्सेना बोलताय माँ आदमखोर तो बच्चे भी आदमखोर है | उनको भी गोली से उड़ाना होगा अब आगे क्या होताय ये आपको देखना होगा पूरा पिक्चर शेरनी | वैसे ये सब सेट बॉलीवुड कलाकार है | मेरेको लगा शरत सक्सेना का बॉडी देखके उसका शेरनी के साथ मारामारी दिखायेगा पर ऐसा नहीं दिखाया वैसे पिक्चर देखके एक बात तो पता चलती है के इंसान और जानवर में कोई फरक नहीं है, इंसान लालच में कब जानवर बन जाएगा क्या मालूम बिलकुल जूनून के राहुल रॉय के माफिक वैसे जंगल का सफर भी हो जाता है, शेरनी को अपुन की तरफ से ८ खोका और आल दी बेस्ट अमित मसूरकर को ऑस्कर के लिए!

बुधवार, 7 अप्रैल 2021

Jeet ki zid story explain, जीत कि ज़िद हिंदी स्टोरी

 कैसा है अपना भारतवासी लोग! वन्दे मातरम भारत माता की जय, ये सब इसलिए बोला क्योंकि आज अपुन के पिक्चर का सब्जेक्ट ही यहीच है एक फौजी का स्टोरी, जो कैसे मुश्किल हालातो का सामना करके आगे बढ़्ताय | अपुन के माफिक नहीं प्रॉब्लम आया तो पेग मारनेका | एक धांसू पिक्चर देखा अपुन रातभर जागके, नाम है जीत की ज़िद | तो स्टोरी चालू करताय इसमें एक फौजी दिखायलाय हीरो है अमित साध और एकदम रियल स्टोरी है क्या! 

इसमें एक्शन, इमोशन और रोमांस भी है. और ये स्टोरी ३ स्टेज पे दिखाई है बचपन वाला अमित साध, ट्रेनिंग वाला अमित साध और प्रेजेंट में मतलब चालू स्टोरी| अब स्टार्टिंग में हीरो का एंट्री दिखायलाय एकदम पानी के अंदर हाथ बांधके रखेलाय उसको छोड़नेका और वो रस्सी खोलताय और बाहर आता है. और पानी से बाहर निकलते टाइम क्या एंट्री क्या बॉडी दिखायलाय एकदम वॉर का ह्रितिक का माफिक जैसा ह्रितिक रोशन हेलीकाप्टर से उतरताय बिलकुल वैसहिच, 

अब गाना बजता है "गिरा उठा चला लड़खड़ाया मैं मौत को धता पता बताके आया" कसम से बदन में जोश सा आ गया गाना सुनके अभी उधर आतंकवादी लोग ने स्कूल का बच्चा लोग को पकड़ के रखा है और अमित साध को अपने बचपन की बात याद आती है | के उसका बड़ा भाई रेस में जीतता है और छोटा अमित साध लास्ट आता है, फिर छोटा अमित साध हाई जम्प में मना करने के बाद भी हिस्सा लेता है और गिर जाता है, तो सब लोग उसपर हसते है | 

अब उसका फॅमिली डिसाइड करता है कश्मीर जानेका उसका बड़ा भाई NDA में एडमिशन लेता है बोलेतो फौजी बननेका पहला स्टेज तो वहा रास्ते में फौजी लोग दीखते है तो दोनों भाई उनको सलूट मारते है ये देखके मुझे भी बहोत अच्छा लगा अपुन लोग को भी पोलिसवाला और आर्मीवाले लोग को देखके सलूट मारना चाहिए क्योंकि त्यौहार और अपनों से दूर अपनी ड्यूटी करते है ये लोग इसलिए अपुन सब सेफ है. 

जय हिन्द! सभी आर्मी, पुलिस और डॉक्टर लोग को, तो अभी आगे प्रेजेंट में दिखायलाय अमित साध अपने साथियो के साथ गाडी में जा रहेला होताय तभी अफसर का फ़ोन आताय और वो अफसर से परमिशन माँगताय अफसर मना करताय पर फिर भी वो गाडी लेके स्कूल में जाता है जहा बच्चे लोग को बंदी बनाके रखा है, अभी अमित साध सब को लेकर प्लान बनाताय के कैसे छुडानेका | सब होने के बाद डायरेक्ट अटैक करते है स्कूल में, सभी आतंकवादी को मार गिराताय फौजी लोग, अभी इस फाइटिंग में अमित साध को चोट लगताय | सभी लड़की लोग को छुड़ाते है तो एक लड़की के बदन में बम लगाकर रखा होताय तो उसको डीफुस करते है | 

अभी स्टोरी थोड़ी पीछे चलती है अमित साध अभी डायरेक्ट ट्रेनिंग का सीन दिखाया है | तभी सुशांत सिंह की एंट्री वो स्पेशल फोर्स का ट्रेनर दिखायलाय एकदम रावडी, जैसा १६ दिसंबर में दिखायलाय बिलकुल वैसाच | अभी फिरसे अमित साध का बचपन वाला सीन दिखायलाय उसका फॅमिली कश्मीर जाताय तो उनको आतंकवादी किडनैप करताय और हाथ बांधके रखताय तभी फौजी भाईलोग आकर उधर अटैक करताय और एक आतंकवादी उसके बड़े भाई को उठाकर अंदर के कमरेमे लेके जाताय और इधर फौजी लोग छोटे अमित साध और उसकी माँ को बाहर लेके जाते है तभी बहोत बड़ा बम फटता है | उस ब्लास्ट में उसके बड़े भाई की मौत हो जाती है | अब समझ में आता है अपने बड़े भाई का सपना अमित साध पूरा करना चाहता है | 

अभी टाइटल सॉन्ग "गिरा उठा चला लड़खड़ाया मैं मौत को धता पता बताके आया" | अभी स्टोरी फिर प्रेजेंट में चालू अपना अमित साध अस्पताल में भर्ती दिखायलाय | उसका अफसर उसको चिल्लाता है के क्यों परमिशन नहीं सुना क्यों ऑर्डर्स फॉलो नहीं किया अभी स्टोरी ट्रेनिंग के टाइम की दिखाई है की बॉक्सिंग का मैच चल रहा होताय तभी एंट्री होती है अली गोनी की | क्या मस्त बॉक्सिंग का फाइट दिखायलाय अली गोनी और अमित साध का, वो मस्त चकमा देताय अली गोनी को, वो मैच हारताय पर बहोत टफ देताय | 

इसमें उन दोनों का दोस्ती होताय एकदम जिगरी दोस्त | तो यारी दोस्ती में रातको पार्टी कर रहे होते है तो कॉलेज का रखवाला दोनों को पकड़ताय और सजा देताय हाथ में साइकिल लेके १०० चक्कर लगानेका मैदान का | अभी दोनों हीरो लोग लड़कियों के कॉलेज के बाहर इंतज़ार करते है | और दो लड़की लोग का स्कूटर ठीक करके इम्प्रेस करते है जैसे अपुन ने किया था अपनी गर्लफ्रेंड का | अभी लड़की लोग को IMA के प्रोग्राम के लिए इन्विटेशन देते है | वो लड़की लोग आती भी है फिर डांस करते है | 

अभी स्टोरी प्रेजेंट में दिखाई है | इधर अली गोनी की शादी तय होती है और अमित साध हॉस्पिटल से भागता है शादी में जाने के लिए अभी फौजी लोग के स्टोरी में थोड़ा रोमांस तो होना ही चाहिए तो शादी में पहुंचके उसकी मुलाकात होती है अमृता पूरी से, फिर बातचीत, इंट्रोडक्शन, नाच गाना और अमृता पूरी की क्यूट स्माइल | अभी स्टोरी फिर से ट्रेनिंग में जाती है जब अमित साध पॅरा फ़ोर्स में एडमिशन लेताय | अभी ट्रेनिंग के वक़्त वो लेट पहुँचता है तो अफसर लोग उसको १६ किलोमीटर दौड़के आने को बोलते है | इधर अपुन को २ किलोमीटर चलनेको कंटाला आताय | अभी ट्रेनिंग चालू बोलेतो खतरनाक ट्रेनिंग टायर के बीच में पैर रखकर भागनेका, पूरा ग्रुप बड़ा सा पेड़ कंधे पे लेके भागनेका, रातको जबरदस्ती नींद से उठाते है | पुश अप मारनेका और वो भी तालाब में मुँह रखकर सर निचे झुका तो सीधा मुँह में पानी | 

अभी ट्रेनर सुशांत सिंह टास्क देता है जोड़ी बनाके एक दूसरेको पीठ पे उठाकर भागनेका आधे रस्ते में पार्टनर चेंज करनेका | अभी अमित साध को बड़े से पहलवान फौजी को पीठ पे लेके जानेको बोलते है और वो भी पूरा रास्ता बिना रुके बिना पार्टनर चेंज किये ये देखकर अपुन टेंशन में आ गया | फिर अमित साध पहलवान को उठाकर लेके आता है सिर्फ ३० सेकंड लेट होताय और उसकी फाइल पे सुशांत सिंह अनसूटेबल लिखते है | उसको बहोत गुस्सा आता है | अली गोनी समझाता है पीछे हटनेको, लेकिन अपना अमित साध तो नेवर गिव अप वाला तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं | 

अभी स्टोरी बचपन में जाती है  छोटा अमित साध रेसिंग में फर्स्ट आता है और उसका IMA का लेटर आताय तो पिताजी मना करते है | फिर भी वो जाताय अभी स्टोरी फिर ट्रेनिंग में सुशांत सिंह उसको नदी के किनारे रेंगनेको बोलताय उसका शॉर्ट सरकताय फिर भी वो रेंगके जाताय तो यहीच है जीत की ज़िद बराबर नाम रखा है पिक्चर का | अभी आगे का ज़िद सुनो फिर ट्रेनिंग के वक़्त कुछ फौजी लोग ट्रेनिंग में लेट आते है | तो ट्रेनर पूछताय इनको सजा देनेका के नहीं तो ४ लोग बोलताय माफ़ करनेका, तो उन 4 लोगो को साइड में लेके गुलाटी मारनेका सजा देताय | अभी स्टोरी फिर प्रेजेंट में हॉस्पिटल में अमित साध की माँ का फ़ोन आताय के शादी कब करेगा तो वो फ़ोन रख देताय तभी वो लेटर लिखताय अमृता पूरी को और वो मिलनेको आती है फिर दोनों घुमनेको जाते है | 

फिर स्टोरी ट्रेनिंग में शुरू, अभी जानलेवा टास्क बोलेतो अपुन ने नेशनल जियोग्राफी में देखा था स्विमिंग पूल में डुबाके रखते है फौजी लोग को और पेशेंस चेक करताय फौजी लोग का, तो कोई छोड़के चला भी जाताय वैसहिच इसमें भी दिखायलाय सभी लोगो को स्विमिंग पूल में डुबाते है बाहर आने नहीं देते फिर मुँह में नक़ाब डालके पानी डालते है, बर्फ पर लिटाते है बादमे शॉक देते है. एकदम भयानक, ये सब टास्क को पार करनेके बाद पॅरा कमांडो बनता है अपना अमित साध अपने मरे हुए भाई का सपना पूरा करता है | फिर कमांडो लोग का डेमो ट्रायल चालू रहताय मतलब किसी को किडनैप किया तो कैसा छुडानेका इसको भी पार करताय और पॅरा कमांडो बनता है | अभी सुशांत सिंह उसको बधाई देता है कैसा? कांच के गिलास में व्हिस्की होती है तो गिलास दांत से तोडनेका और व्हिस्की पिनेका, तो  गिलास तोड़के सेलिब्रेट करते है, चीयर्स! 

अभी अमित साध शादी के लिए प्रोपोज़ करता है अमृता पूरी को | तभी हॉस्पिटल में न्यूज़ देखताय के पाकिस्तान ने हमला किया है तो वो अपना इंगेजमेंट कैंसिल करवाता है और ड्यूटी पे जाता है | अभी पूरा इंग्लिश पिक्चर के माफिक दिखायलाय चॉपर से अपनी सेना उतरती है, २ आतंकवादी को गोली मारती है | फिर प्लान बनाते है उधर दुश्मन का कैंप होताय तो पहला टेलीफोन का वायर काटते है | फिर रिपेयरिंग वाला आता है उसको भी मारते है | और डायरेक्ट अटैक भारत माता की जय!.

पाकिस्तान वालो का टॉप सीक्रेट अपने कब्जे में करते है | अभी एक छुपा हुआ आतंकवादी अमित साध पर अटैक करता है | उसके पैर और पेट पे गोली लगती है | उसके साथी उसका पल्स चेक करते है | अभी अमृता पूरी टेंशन में इधर ऑपरेशन चल रहा होता है अमृता पूरी रोते हुए दिखाई है | अभी सर्जरी होती है और पैर साथ नहीं देते बोलेतो अमित साध अभी चल नहीं सकता | अभी उसको ट्रेनर बननेके लिए लेटर आताय और अमित साध व्हीलचेयर पे बैठा हुआ दिखायलाय फिर उसकी लाइफ में क्या होता है बोलेतो अप एंड डाउन जैसे फौजी लोग के बाकि की ज़िन्दगी में होता है | आप सब लोगो को ज़रूर देखना चाहिए जीत की ज़िद इसमें थोड़ा बहोत नाना पाटेकर की प्रहार के जैसा ही फील होता है पर थोड़ा डिफरेंट है | हर बार की तरह इस बार भी अमित साध ने जबरदस्त एक्टिंग कियेला है उसको १० में से १० खोका मेरी तरफ से और आल दी बेस्ट हॉलीवुड पिक्चर मिल जाए इसके लिए

मंगलवार, 6 अप्रैल 2021

पगलैट स्टोरी हिंदी में, pagglait story explained in hindi

कैसा है फॅमिली वाले लोग आज मैं आपको एक स्टोरी बताएगा, एक कंफ्यूज करनेवाला पिक्चर, नाम है पगलैट इस पिक्चर को बनायेला है बालाजी टेलीफिल्म्स वालोने, जो पब्लिक को येड़ा बनानेका काम करती है | अभी इनका पिक्चर है तो ज़रूर कुछ गंदगी होगी, ऐसा लगता है इनकी ज़िंदगीका मकसद ही यहीच है, तो चलो स्टोरी शुरू करताय, स्टार्टिंग में दिखाएलाय शांतिकुंज नाम का घर और चेतन शर्मा के सर पर उस्तरा घुमाते हुए और साथ में आसिफ खान और रघुवीर यादवजी, तो आसिफ खान उसका मजाक उडाताय के शाकाल के माफिक दिख रहेला है, तो रघुवीर यादव डाँटताय फिर समझ में आता है के कोई मर गया है, चेतन शर्मा का बड़ा भाई आस्तिक. 

अभी एंट्री होती है अम्माजीकी बोलेतो मेघना मालिक फ़ोन पे बात करते हुए, के लड़का कैसे मरा, लड़की मांगलिक तो नहीं है| शांतिकुंज में बहोत भीड़, फिर बेटे की मौत पे रोनेवाली शीबा चड्ढा जो आशुतोष राणा की बीवी दिखाएली है | उसका लड़का मर गया आस्तिक, अभी आशुतोष राणा की एंट्री, घर पर गद्दे मंगवाता है और गद्देवाला ज़्यादा रेट बोलताय फिर दुखी होकर आशुतोष राणा बोलताय बेटा गुजर गया मेरा जो रेट चल रहा है वही रेट देंगे | अब एंट्री होती है पिक्चर के हीरोइन की सान्या मल्होत्रा की, उसके माता पिता दरवाजे पर आते है 

और दरवाजे की घंटी बजाते है और गाना बजता है विद्या बालन का "उलाला उलाला तू है मेरी फैंटसी" तो गाना सुनके रघुवीर यादवजी चीड़ जाते है और बेल की घंटी बदलनेको बोलते है | तभी शीबा चड्ढा आकर सान्या मल्होत्रा के माँ बाप को दुःख के मारे गले लगाती है | फिर ऊपर कमरेमे जाकर सान्या मल्होत्रा को गले लगाते है अब समझ में आता है के सान्या मल्होत्रा आशुतोष राणा की बहु और मरे हुए आस्तिक की विधवा दिखाएली है | मगर उसकी आँखों में न आंसू न ही पति के मर जाने का गम पता नहीं ऐसा क्यों | अभी शीबा चड्ढा उसके माँबाप के लिए चाय लेके आ रहेली होती है तो सान्या मल्होत्रा उनको अपने लिए पेप्सी लाने को बोलती है फिर सबके चेहरे पे सवाल "साला हो क्या रहा है"

अब इतनेमे चेतन शर्मा चिल्लाता है के उसके कमरेमे से पलंग किसने निकाला | तो रघुवीर यादवजी बोलते है मैंने निकलवाया और बोलते है "मरा हुआ बेटा अभी भी यही है १३ दिन तक आत्मा घर के बाहर रहती है बाहर टंगी हुयी मटकी में आस्तिक का खाना पीना उसी में है, १० दिन तक पिंड से प्रेत शरीर बनता हैं, और १३ दिन प्रेत शरीर यमलोक की यात्रा के लिए निकल पड़ता है, क्योंकि अंतिम संस्कार तुमने किया अब तेरहवी तक सिगरेट, शराब, गुटका, सब बंद एक टाइम खाना और ज़मीन पर सोना" और तभी सान्या आकर शीबा चड्ढा को बोलती है उसके पापा चाय में चीनी नहीं लेते, 

अभी इतना स्टोरी सुनने के बाद आप लोग तय करो के पिक्चर कॉमेडी है या इमोशनल है, आगे और बताता हूँ ऊपर चेतन शर्मा जाते ही गुस्सा हो उठता है, इस रिवाज़ से | इधर सान्या मल्होत्रा अपनी माता पिता का बैग खोलतीय और देखतीय सफ़ेद साडी उनको बोलतीय कितने दिन तक रुकेंगे आप | अभी एंट्री होती है गुल्लक के हीरो जमील खान की और उनकी बीवी दिखायलीय यामिनी सिंह की | अभी मेघना मालिक उनके गले मिलती है और यामिनी सिंह बोलती है हमको लगा के घर में बूढी दादी माँ गुजर गयी है | फिर जमील खान इंग्लिश में शेक्स्पीर की लाइन बोलता है | अभी मेघना मालिक के जाने के बाद यामिनी सिंह उसकी बुराई करती है बोलतीय उसका पति उसको छोड़के दुबई चला गया | 

अभी इधर आगे पिक्चर में मजा आता है दरवाजे की घंटी बजती है उलला उलला करके, पर घंटी दरवाजे की नहीं मेरे दिल की भी बजी घर में एंट्री होती है सान्या की फ्रेंड श्रुति शर्मा की | क्या ब्यूटीफुल आँखे है उसकी, इसमें वो मुसलमान दिखाएली है और इससे रघुवीर यादवजी चीड़ जाते है, अभी श्रुति शर्मा डायरेक्ट उसके कमरेमे जाती है और बोलती है मैंने फेसबुक पर देखा और सान्या बोलती है २३५ कमैंट्स भी थे | तभी आसिफ खान ऊपर आते है श्रुति शर्मा का सामान लेके साफ़ पता चलताय वो उसपर लाइन मार रहेला है | तभी सान्या मल्होत्रा उसको पेप्सी और चिप्स लाने को बोलती है | 

अभी रात को सब लोग खाना खाने बैठते है तभी रघुवीर यादवजी सान्या के माता पिता को कुछ दिन तक घर पर रखनेको बोलताय तभी जमील भाई इंग्लिश में कुछ बोलते है | यहाँ पर भी समझ नहीं आता, पूरा ट्राडेजी और कॉमेडी का मिलावट कियेला है | अभी श्रुति शर्मा सान्या के कमरेमे उसको डांटती है के क्या हो गया है तुझे ऐसा कायको कर रहेली है सान्या की माँ उसकी सुखी मिर्च से नज़र उतारतीय घर में धुआँ होताय तभी शीबा चड्ढा उसको डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पैन और आधार कार्ड तैयार रखने के लिए बोलती है | तभी आसिफ खान आता है श्रुति शर्मा को बाहर घुमाने ले लिए और छत पर रघुवीर यादवजी दारु पीते हुए दिखायले और सीढ़ी पर चेतन शर्मा सिगरेट पीते हुए दोनों एक दूसरे को पकड़ते है | 

अभी इधर स्टोरी में बदलाव आता है, सान्या मल्होत्रा अलमारी खोलती है तो उसको फोटो मिलती है सयानी गुप्ता की फोटो देखके उसके चेहरेका रंग बदल जाता है | उसको जेलेस फील होता है फोटो पर लिखा होता है फॉर माय लव | सान्या मल्होत्रा की रातों की नींद उड़ जाती है | उसका बिंदास्त चेहरा अब टेंशन में बदल जाता है | फिर गाना चालू ...

अभी सुबह रघुवीर यादवजी अस्थि विसर्जन के लिए निकलते है वही पे जमील खान भी तैयार बैठते है तो उनको आने के लिए मना करते है बोलते है गाडी में जगह नहीं है ऐसे में जमील भाई नाराज़ होते है | अभी रघुवीर यादवजी आशुतोष राणा जी से अस्थि की पर्ची के बारे में पूछता है  तभी आसिफ खान बोलते है मेरे पास है वो पर्ची, इसमें वो उसको मारते है | अभी एंट्री होती है राजेश तेलंग की और उनकी बीवी दिखाई है अनन्या खरे अभी इनकी एंट्री पर थोड़ा बवाल होता है के इतना लेट कायकू आये फिर पुराना झगड़ा और गलतफहमियां निकलती है | 

इधर सान्या मल्होत्रा को गोलगप्पे खाने का मन करता है | उधर आशुतोष राणा और रघुवीर यादवजी गंगा घाट पहुँचते है गाड़ी लेकर और गाड़ी के पीछे सब पंडित लोग भागते हुए दिखायले, तब आशुतोष राणा इमोशनल होकर बोलते है हमारा बेटा मरा है डिस्काउंट मिलेगा, तभी बाहर चप्पल की निगरानी करने के लिए आसिफ खान को बोलते है और उसकी आँखों में गुस्सा | अभी इधर एक डायरेक्शन दिखाएलाय के चेतन शर्मा भाई का कार्य कर रहा होता है और उधर सान्या गोलगप्पे खाते हुए दिखायलीय और वापस आते वक़्त अपने मरे हुए पति को गाली देती है और लॉजिक लगाती है की जितेजी आदमी चोरी करे या रेप करे पर उसकी अस्थिया गंगा में न डुबाये तो स्वर्ग में जगह नहीं मिलती अब आप लोग सोचो इस पिक्चर में ये सब जबरदस्ती दिखानेकी कोशिश कियेलाय के नहीं के पुराने विचारो और रिवाज़ो का आज कोई वैल्यू नहीं है |

अभी राजेश तेलंग का लड़का दिखाएलाय लोन के बारे में बात करते हुए उसको खुदका होटल खोलनेका होता है | अब घर में एंट्री होती है सयानी गुप्ता की बोलेतो आस्तिक की गर्लफ्रेंड की, सान्या उसको लेकर अपने कमरेमे जाती है और पूछती है तुम्हारा क्या चक्कर था आस्तिक के साथ तो वो बोलती है के शादी से पहले प्यार था पर मेरे घरवाले नहीं माने इसलिए शादी नहीं की | अभी रातमे शीबा चड्ढा आशुतोष राणा को तसल्ली देती है के चिंता मत करो मेरे गुरूजी सब ठीक कर देंगे भगवान परीक्षा ले रहा है इसपर आशुतोष राणा बोलते है गुरुजीको बोलो लोन चुकानेको | अभी आप लोग भी समाज गया होगा के मनोरंजन के आड़ में अपना प्रोपेगंडा चलानेका काम किया बालाजी टेलीफिल्म्स वालो ने | 

अभी चेतन शर्मा सान्या मल्होत्रा के कमरेमे जाता है अपने भाई के तेरहवी का अखबार में छपवाने के लिए | अब सान्या और सयानी दोनों होटल में मिलते है और पूछते है तुमको आस्तिक ने कितनी बार आई लव यू बोला जब प्यार में थे तब क्या क्या किया | इधर रात में सब लोग बैठके सान्या की शादी के बारे में बात करते है के आगे क्या करना है उसका बायो डाटा वेबसाइट पर डालनेकी बात करते है | अब आता है पिक्चर का मेन क्लाइमेक्स सवेरे सवेरे घर आता है इन्शुरन्स वाला, बोलताय आस्तिक ने अपनी बीवी के नाम पॉलिसी निकाली थी उसके 50 लाख रूपए मिलेंगे सान्या मल्होत्रा को, अब शुरू होता है असली ड्रामा | 

अभी ये पिक्चर देखना ना देखना आप लोग डिसाइड कर लो मेरेको लगता है पिक्चर बनानेका असली मकसद तो हिंदुओंके के रीती रिवाज़ को गलत बताना यही है | बाकि आशुतोष राणा और रघुवीर यादवजी छा गए बावा और अपुन को फिर से प्यार हो गया श्रुति शर्मा से!




सोमवार, 15 मार्च 2021

चमन बहार स्टोरी हिंदी में, chaman bahaar story explained in hindi

 कैसा है मजनू लोग! वन साइड लवर लोग, ज़िन्दगी में हर कोई प्यार करताय पर प्यार में सक्सेस सब नहीं होते कोई सुनील शेट्टी भाई की तरह अपने प्यार को पाने के लिए इंतज़ार करताय, कोई एक प्यार करके कंटालताय और दूसरा ढूँढताय, पर प्यार में अपना ज़िन्दगी बर्बाद करनेवालों के लिए एक सबक है ये पिक्चर, नाम है चमन बहार इसमें अपना पंचायत वाले जीतेन्द्र कुमार ने काम कियेलाय, काम क्या कियेलाय पूरा छा गया बावा, लगताय आगे जाकर खान लोग का जगह पे बैठनेवाला है पंकज त्रिपाठी के साथ 

तो चमन बहार का स्टोरी ऐसा है. जीतेन्द्र कुमार रात को एक सपना देखताय के उसका पान का स्टाल होताय और लोगो को मस्त पान बनाके खिला रहेलाय, जब नींद से जागताय तो देखताय सामने भालू खड़ा, क्योंकि वो वॉचमन का नौकरी करताय और उधर ऐसा जानवर लोग रात को घुमताहीच रहेताय, फिर नौकरी छोड़के एक दूकान भाड़े पे लेता है, और सपना सच होताय, जीतेन्द्र कुमार अपने बाप को बोलताय, अपने को नाम बनानेका है तो फिर ये नौकरी कायको, अभी दूकान भी ऐसा जगह पे है जहा मक्खी ज्यादा और गिराहक लोग कम, बोले तो एकदम सन्नाटा, फिर दो डैडी लोग आते है खुशहाली पूछनेको दूकान पर, डैडी लोग बहुत बड़ा झोलर होनेका एकदम चिंदीचोर बोलेतो, इसका टोपी उसके सर, 

अभी धंदापानी नहीं इसलिए कंटालके रातको घर पे आता है तो जीतेन्द्र कुमार का पप्पा उसको लक्ष्मी माता का फोटो देताय और सवेरे जब वो फोटो दूकान में लगाताय तब चमत्कार, सामने लक्ष्मी प्रकट होती है, लक्ष्मी बोले तो रितिका बड़ियानी टिक टोक की स्टार,अब सोचो, मज़ा आएगा दोनों का जुगलबंदी देखके ओटीटी के सुपरस्टार का और टिक टोक के स्टार का, लेकिन किधर, पूरा पिक्चर में एक लब्ज़ भी नहीं बोलती है, कैसा वो सुनो जैसे ही वो गाडी से उतरती है बारिश शुरू होती है, सन्नाटा एकदम रोमांटिक माहौल में बदल जाता है, क्लाइमेट चेंज बावा! पान की दुकान के सामने एक बँगलेमे रहने के लिए उसका फॅमिली आताय.

रितिका बड़ियानी का दर्शन उसको तब होताय जब वो कुतिया को बाहर गुमानेको लाती है, उसका पप्पा सब इंजीनियर रहता है और जीतेन्द्र कुमार को पूछता है कैडबरी है क्या? पर धंदा नहीं तो कैडबरी कैसे होगी, अब कैडबरी नहीं है फिर भी चींटी लोग का भीड़ जमा हो जाता है, बोलेतो भारत का भविष्य विद्यार्थी, स्टूडेंट ऑफ़ दी ईयर वैसाहीच कुछ 

सब लोग उसके पान के ठेले पे जमा हो जाताय, और धंदा फलफुलताय, उसके गल्ले में लक्ष्मी आणि शुरू हो जातीय, इधर लड़को का ग्रुप आपस में भाभी किसकी? इस बात पे झगड़ा भी शुरू हो जाता है, हा हा हा हा, ऐसा अपुन स्कूल में करता था पर अपनेको लड़कीने हां बोलेलाय तो अपुन झगड़ा करताय पर इधर लड़की म्यूट पे दिखायलीय और लफड़ा चालू, अभी इधर रितिका बड़ियानी अपनी पामेरियन कुतिया को लेके बाहर गुमने को लेके आती है और सोनू निगम भाई का एंट्री बोले तो उसका गाना चालू 

"दो का चार तेरे लिए सोलह" एकदम मूड फ्रेश गाना, गाने में रितिका जीतेन्द्र कुमार के खटिये के चक्कर लगाती है सायकल लेके, 

जैसे ही स्कूटी पे बाहर निकलती है सब बाइक वाला उसके पीछे, अब ज़बरदस्त कमाई होने के बाद जीतेन्द्र कुमार अपने पप्पा के लिए अंग्रेजी दारु और मटन लेके जाता है और पप्पा को प्राउड फील होताय जैसे अपने पप्पा को हुआ था. 

अभी लव स्टोरी में गुंडा लोग नहीं होगा, ऐसा कैसा चलेगा. जूना पिक्चर में मस्त दिखता था, गुंडा लोग का लास्ट में ढिशूम ढिशूम और हैप्पी एंडिंग अब वैसा नहीं रहा. पहला विलेन आज़म खान जो नेता का लड़का दिखायलाय, अपना जीप में पंटर लोग को लेके विकास की बत्ती का प्रमोशन करताय, उसको जीतेन्द्र कुमार के पान का स्वाद अच्छा लगताय और रितिका बड़ियानी की ख़ूबसूरती, अभी दो झोलर डैडी लोग दूसरा विलेन को भी उकसाकर पान के ठेले में लेके आताय, दूसरा विलेन बोलेतो अश्विनी कुमार, अभी दो डैडी झोलर लोग गेम खेलते है, आज़म खान से पैसे लेताय क्यारम चालू करनेको ताकि पान की दूकान की आड़ में रितिका बड़ियानी का दर्शन हो सके, पर इधर अश्विनी कुमार क्यारम स्पोंसर करताय, इस कान का खबर उस कान को भी नहीं होती है, अभी दो डैडी लोग और जीतेन्द्र कुमार एक संन्यासी बाबा के साथ चिल्लम मारते हुए दिखाई देते है. वो बाबा प्यार में हारा हुआ दिखाया है. 

अभी इसमें एंट्री मारता है तीसरा विलेन डीएफओ का लड़का एकदम चरसी दिखायलाय बोलेतो चैन स्मोकर एकदम वट में, अभी रितिका बड़ियानी बाहर आती है अपनी कुतिया के साथ और भारत के भविष्य एकदम सावधान हो जाते है सब कुत्ते के माफिक उसको घूरते रह्तेय, अब अश्विनी कुमार कुतिया को पुचकारताय और रितिका से आँख मिलाताय, ये देखकर सब लोग हक्का बक्का रह जाते है, जैसा रेसलिंग में कोई तगड़ा पहलवान आताय टक्कर देनेको वैसा सबको लगताय, इसमें आलम खान भी पीछे नहीं रहताय वो रितिका बड़ियानी के स्कूल में जाताय सत्कार करनेको, काहेका सत्कार फ़ोकट का शाइनिंग मारताय पर कुछ बात नहीं बनती.

अभी क्यारम के बाद दूकान में सट्टा सुरु होताय, बेटिंग! इस बात की के रितिका बड़ियानी को कौन पटायेगा, उसमे अपना जीतेन्द्र कुमार टेंशन में पानी पूरा सर से ऊपर जाताय, वो अभी डिसाइड करताय के आय लव यु बोलनेका कैसे भी करके, तो वो एक दिमाग लगाता है एक शराब का बोतल ख़रीदताय और एक अंग्रेजी लिखनेवालों को देताय लव लेटर लिखनेको, फिर पता चलताय वो भी रितिका का आशिक़ निकलताय, अब करे तो क्या करे?

अब रोजका माफिक रितिका अपनी पामेरियन को बाहर गुमानेको लाती है, एक आवारा कुत्ता उसपे भोंकता है, और जीतेन्द्र कुत्ते को भगाता है, अभी रितिका आँखों से उसको थैंक्स बोलतिय और अपना हीरो सातवे आसमान पे, और दीवानगी के मारे अपने हाथ पर टैटू निकलवाता है आर नाम का, बड़े पत्थर पे नाम लिखता है 'बिल्लू की रिंकू' और सपना देखताय रिंकू की स्कूटी पंक्चर हो गयेली है और वो साइकिल पे लिफ्ट देताय और राजा के माफिक सड़क पे निकलताय और रास्ते में तीनो विलेन, डैडी और सारे पंटर लोग उसका रास्ता रोकताय फिर नींद से जागताय अब वो एकदम उतावला हो जाताय के आय लव यु बोलनेका मतलब बोलनेका, अब सही मौकेका इंतज़ार करनेका और अपने रास्ते के कांटे को एक एक करके साफ़ करनेका

दूसरे दिन जीतेन्द्र कुमार क्यारम किसका ये बात ओपन करताय और दो डैडी लोग का भांडा फोड़ताय तो क्यारम खेलके जो जीता वो क्यारम का किंग ये डिसाइड होताय, और क्यारम के मैच में अश्विनी कुमार नेता आज़म खान को हराताय तो अश्विनी कुमार क्यारम का किंग, अब रोजका माफिक रितिका बड़ियानी कुतिया को लेके गुमने आती है तो उधर डीएफओ का लड़का उसको ताड़ताय और गाना बजताय "भवरे ने खिलाया फूल, फूल को ले गया". जीतेन्द्र कुमार को वो गाना सच होता दीखताय तो वो डायरेक्ट डीएफओ को फ़ोन करके लडकेके नशे के बारे में बताता है तो पुलिसवाले उसको उठाके लेके जाते है, अब रास्ते का दूसरा काँटा भी साफ़, 

अब अपना जीतेन्द्र कुमार खुद इंग्लिश बुक लेके लव लेटर लिखताय, और राह देखताय रितिका के आने का, अभी अश्विनी कुमार का पंटर लोग भी निकलताय "खून मांगे निकोटिन" बोलके रास्ता साफ़, अभी उसका बैड लक, कुतिया लेके उसका भाई आता है, पर जीतेन्द्र से रहा नहीं जाताय और वो लव लेटर उसके आँगन में फेक देताय फिर बैड लक रितिका बढियानी का पप्पा आता है बाहेर जाने के लिए और वो लेटर देख लेताय और हो गयी गड़बड़ वो सीधा जीतेन्द्र की तरफ आता है, किसने फेका करके? जीतेन्द्र बोलताय दो लोग फेकके गए.

अब शुरू होताय क्लाइमेक्स रितिका का पप्पा एक दबंग पुलिस वाले को बुलाताय फिर जो भरी लताड़ लगाताय जीतेन्द्र को, इज़्ज़त का कचरा बादमे तो और भी धमाल आता है तो आपको देखना पड़ेगा चमन बहार. मेरेको लगताय हर कोई किसी न किसी से प्यार करते उसका घंटो इंतज़ार करताय उसको देखनेके वास्ते, पर अपना ज़िन्दगी दांव पे लगाना किधर का होशियारी है. माँ बाप पाल पोसकर इसलिए बड़ा करताय की अपनी ज़िन्दगी का रिमोट किसी के हाथ में देदो और वो जो चाहे चैनल चालू करदे और तुम बन्दर की तरह नाचो 

जीतेन्द्र कुमार वाकई इस बार भी कमाल दिखा गया. रितिका बढियानी बहोत मस्त लगी, पर कुछ बोलती तो अच्छा लगता, आज़म खान और अश्विनी कुमार ने भी बाज़ी मार ली अपुन की तरफ से इन सब लोगो को आल थे बेस्ट! चमन बहार को मेरी तरफ से दस में से आठ खोका!











गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

The White Tiger Hindi Review, दी व्हाइट टाइगर हिंदी रिव्यु

 कैसा है गरीब और अमीर लोग? आप लोग सोच रहेला होगा अपुन ऐसा क्यों बोला क्योंकि अपुन ने कल रातको एक सीरियस मैटर पे पिक्चर देखा 'दी व्हाइट टाइगर' बोलेतो सफ़ेद शेर जो बहोत पीढ़ी में एकबार पैदा होता है बिलकुल अपुन के माफिक, अपुन भी अपने एरियेका शेर है | पर अपुन सफ़ेद नहीं है | तो स्टोरी ऐसा दिखायलाय स्टार्टिंग में एक गाडी में तीन लोग बैठा रहता है राजकुमार राव, प्रियंका चोपड़ा और नवा छोकरा आदर्श गौरव | प्रियंका चोपड़ा गाडी चला रहती है और आदर्श गौरव दूल्हे के कपडे में दिखायलाय ऐसा लगता है उसको शादी में मंडप में लेके जा रहेले है | प्रियंका चोपड़ा दारू पीके गाडी चला रहेली है और रास्ते में एक गरीब की बच्ची सामने आती है और उसको ठोक देती है | 

फिर स्टोरी चालू, एक गांव दिखायलाय लष्मणगढ उसमे एक बच्चा स्कूल में पढ़ रहा होता है | तभी कोई पढाईका मिनिस्टर राउंड मारनेको आता है स्कूल में, बच्चो का पढाई में कमजोरी देख के टीचर को गाली देताय और ऐसा वैसा गाली नहीं एकदम गन्दा! सबके सामने इज़्ज़त का कचरा | भाई ये लोग का सिस्टम हीच नहीं है गेव रेस्पेक्ट टेक रेस्पेक्ट का | अभी अपुन ने असलम को पार्टी दिया और असलम ने अपुन को पार्टी दिया, इससे क्या हो गया भाईचारा बढ़ गया | ये क्या साला तू बड़ा अफसर होगा तो छोटे लोगो को इज़्ज़त नहीं देगा | इसलिए फॉरेन का लोग तरक्की ज़्यादा करताय |

तो अपना आदर्श गौरव का बचपन दिखायलाय और इंग्लिश में जवाब देताय और अपने टीचर का इज़्ज़त बचाताय | अफसर उसको बुलाके शाबाशी देताय और बोलताय "तू व्हाइट टाइगर" है | और बच्चे को लगताय अपुन बड़ा होके कुछ ज़रूर बनेगा | फिर बच्चा अपने बाप के साथ मस्ती करता दिखायलाय और अंग्रेजी में बोलताय और ये सुनकर बाप खुश होताय जैसा मेहनत करनेवाला हर बाप को होताय | अब रात में घर में सब लोग सोयेला दिखायलाय एक छोटासा घर में दस बारा लोग | अपना चाली में भी वइसाइछ, पांडेय के घर पर, माफ़ करना पाण्डेयजी के १० बाई १५ के खोली में उसका भाई, बीवी का भाई, मामा, चाचा का लड़का  गांव का पडोसी ऐसा सब लोग मुंबई में अपना गुजरा करने को आएले|

फिर एंट्री होताय विलन लोग का, गरीबो का खून चूसनेवाले, मेहनत की कमाई खानेवाले कुत्ते लोग, जैसे हिंदी पिक्चर में दिखाते है वैसेहीच, मदर इंडिया के लाला के जैसा इसमें लाला दिखाएलाय महेश मांजरेकर और उसका भाई नेवला | तो थोड़ा बहुत ठीक ठाक चल रहेला लाइफ में एक पनोती रहती है उसकी दादी | भगवान करे दुश्मन को भी ऐसा चुड़ैल के शक्ल वाली दादी न मिले | उसका तरक्की का धागा काट डाला बुढ़िया ने उसको बोलतिय 'स्कूल बंद करके कोयला तोडनेका काम करनेका' | इतना बुरा लगताय देखकर अपना भारत का भविष्य ऐसाहीच बर्बाद हो रहेला है | आगे का स्टोरी सुनेगा तो और भी कलेजा फटेगा तुम लोग का | अभी आदर्श गौरव के बाप को टी. बी. होताय और खून का उलटी करताय, अस्पताल जानेका रहताय तो अस्पताल जाने के लिए दो दिन तक चलना पडताय और अस्पताल में डॉक्टर लोग नहीं | इतना तकलीफ बापरे! आदमी जियेगा तो कैसे और मर गया तो फॉल्ट किसका | तो बिना इलाज के उसका बाप मर जाता है | फिर उसकी चिता जलती है तो उसका पैर हिलताय | कितना इमोशनल दिखाया है 

अब अपना आदर्श गौरव थोड़ा बड़ा होता है बोले तो टीनएजर और अपना भारत का भविष्य, चाय के दूकान पर झाड़ू मारते हुए दिखायलाय, अब उसको दीखताय, उसका भगवान् बोले तो अपना राजकुमार राव वो महेश मांजरेकर का लड़का दिखायलाय | कमल कीचड़ में ही खिलताय, सच बोलाय किसीने. अभी अपना आदर्श गौरव, राजकुमार राव को ताड़ते रहता है और पता चलताय उसको ड्राइवर का ज़रुरत है | अभी अपने व्हाइट टाइगर को लोटरी लगी ऐसा फीलिंग आताय | सबसे पहले वो अपनी दादी को मनाताय, शहर में जाकर ड्राइविंग सिखनेको | अभी शहर में ड्राइविंग सीखते वक़्त सिखानेवाला भी उसकी इज़्ज़त निकालताय बोलताय 'तू हलवाई है तो हलवाई का काम कर ड्राइविंग कायको सीखताय' पर वो हिम्मत नहीं हारताय सीखकर ही दम लेताय |

अब सीखनेके बाद वो जाता है सीधा महेश मांजरेकर के बंगले पर, बँगलेमे राजकुमार राव के साथ खड़ा रहताय तो वॉचमन आदर्श गौरव को भगानेको देखताय पर वो चापलूसी करके बंगले के अंदर घुस जाता है | 

अब महेश मांजरेकर, आदर्श गौरव को पूछताय क्या वो रोज़ नहाताय क्या,उसका जात क्या, उसका परिवार का कुंडली निकालताय | अभी दो गाडी के दो ड्राइवर रहते है पहला ड्राइवर थोड़ा खड़ूस दिखायलाय, वो आदर्श गौरव को अपने घर में रहनेको देताय, उसको बँगलेपे नौकर वाला काम करनेको बोलताय | उन दोनों का भगवान् की भक्ति में भी रेस मस्त दिखायलाय | अब एंट्री होती है भारत की टॉप की एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा की, वो आदर्श गौरव को पूछती है के कंप्यूटर के बारे में जानते हो क्या? इंटरनेट और फेसबुक के बारे में जानते हो क्या? वो बोलताय नहीं! अपुन का जवाब भी नहीं है, अपुन को अंग्रेजी नहीं आती है भाई!

अब अपना ड्राइवर कम नौकर आदर्श गौरव पैर दबाताय महेश मांजरेकर के, सब लोग बैठे रहते है, बातचीत करते है, फ्यूचर प्लानिंग चालू रहताय सब लोग का, तो बिच में आदर्श गौरव के बोलने पर उसको नेवला टपली मारताय ये देखके राजकुमार राव को गुस्सा आताय और कायको मारताय पूछने पर बोलते है इनको ऐसा रखेगा तो हीच इज़्ज़त करते है | पर ये बहुत गलत तरीका है ताक़तवर इंसान गरीब कमजोर को दबाएगा |

धीरे धीरे वो ड्राइवर की नौकरी में सेट होताय अपना तनख्वाह वो दादी को देताय, बाथरूम में जाताय तो रूम फ्रेशनर को बॉडी स्प्रे समझके बदन पे मारताय | उसकी पहले ड्राइवर के साथ ठसन दिखायला है और आदर्श गौरव उसकी खबर निकालताय तो वो मुसलमान निकलता है | अब आता है ऊंट पहाड़ के निचे | अब आदर्श गौरव खास आदमी बनता है राजकुमार राव का और खास दोस्त भी | एक दिन महेश मांजरेकर के घर पे कोई नेता आती है वो है स्वरुप सम्पत, ये जो है ज़िन्दगी में धमाल कॉमेडी किया था देवीजी ने | इसमें वो ज़ोल का हिस्सा मांगती है और उसके घर में थूककर चली जाती है | अब आदर्श गौरव अपने मालिक लोग के साथ दिल्ली में जाता है | दिल्ली की चकाचौंद देखके उसको जन्नत में होने का एहसास होताय | राजकुमार राव को नया प्रोजेक्ट चालू करनेका होताय बैंगलोर में, इसलिए वो राष्ट्रपति भवन में घूस देने को जाता है | फिर दोनों अच्छा वक़्त बिताते है साथ में वीडियो गेम खेलते है, मालिक बोलताय मुझे साहब नहीं अपने नाम से बुलानेका | चलो इतना बेइज्जती के बाद किसी ने तो इज़्ज़त दिया |

अभी बिल्डिंग के निचे ड्राइवर लोग के रहनेका जगह रहता है | उधर आदर्श गौरव को एक गन्दी शक्ल का आदमी मिलताय, अब शक्ल गन्दी है और उसकी बाते भी गन्दी बोलताय तो वो कंटालके अकेला रहता है | अब प्रियंका चोपड़ा, राजकुमार राव के साथ अपने गांव में जाता है | रस्ते में भगवान की जगह दिखती है तो पैर पड़ता है और उसको देखके प्रियंका चोपड़ा भी गाओंवाली स्टाइल में प्रणाम करती है | अब आदर्श गौरव अपनी दादी से मिलता है वो उसको नॉन वेग खाना देती है और शादी करनेको बोलतीहै पर वो दोनों चीज़े करनेसे मना करताय |

अब गांव से शहर लौटते है और प्रियंका चोपड़ा की सहेली दिखायलीय और सहेली के सामने प्रियंका चोपड़ा उसको डांटती है | बोलती है मुँह से पान की स्मेल आ रही है और पढाई करनेकी सलाह देती है | चलो किसी को तो फ़िक्र होती है गरीब की, पर अपना भोला आदर्श गौरव की सारी दुनिया मालिकोमे बसी होती है |

अब आते है अपना मेन क्लाइमेक्स पर अब आता है प्रियंका चोपड़ा का बर्थ डे और दूल्हे की तरह सजता है आदर्श गौरव, सवेरे सवेरे उसको विश करताय | अपुन लोग तो रातको १२ बजे अपना पंटर लोग का जन्मदिन मनाताय और सारे गली में धमाल मचाताय | तो राजकुमार राव प्रियंका चोपड़ा का बर्थ डे सेलिब्रेट करताय और वापस आकर देखताय ड्राइवर गाडी में राह देखकर सो गएलाय | अब गाडी दारु पियेली प्रियंका चोपड़ा चलाती है | अब मस्त गाना चालू रहताय 'मुंडिये तू बचके रही' मेरेको लगताय ये गाना नहीं उपरवालेका मेसेज है प्रियंका तू बचके रही अब जो स्टार्टिंग में दिखायलाय वो अब शुरू होताय | प्रियांका चोपड़ा एक फुटपाथ पर रहनेवाली गरीब बच्ची को ठोक देती है | अरे बापरे!

अब आगे क्या होगा ये जानने के लिए आपको देखना पड़ेगा 'दी व्हाइट टाइगर', इसकी एक बात बताऊ आदर्श गौरव ने धांसू एक्टिंग की है वो प्रियंका चोपड़ा और राजकुमार राव पर भरी पड़ता दिखाई दिया | अपुन की तरफ से आदर्श गौरव को आल दी बेस्ट और अपुन की तरफ से दी व्हाइट टाइगर को दस में से नौ खोका |

रविवार, 21 फ़रवरी 2021

नेल पोलिश का हिंदी रिव्यु, nail polish hindi review

कैसा है भाईलोग और शानेलोग, कल रात को अपन ने एक जबरदस्त ड्रामा देखा बोले तो कोई बीमारी में बारे में, मल्टीपल पर्सनालिटी डिसरेस्पेक्ट जो भी है समज के चलो, एक इंसान के अंदर दो लोग, ऐसा भी होता है क्या, तो अपुन को भी ये बीमारी है अपन बहोत शांत पर्सनालिटी है पर पीने के बाद अपुन को किसीने छेड़ा तो अपुन वायलेंट हो जाता है, साला क्या करता है अपुन को हीच पता नहीं, सवेरे को सब भूल जाता है की क्या किया था.

तो अपुन फिल्म की बात करता है क्या धांसू दिखायलाय नेल पोलिश, नाम सुनके लगताय किसी लड़की या मेबेलीन नेल पोलिश की बात हो रहेली है, पर इसमें २० साल पहलेका बॉडी बिल्डर अर्जुन रामपाल ने काम किया है, 'कसम खा के कहो' गाने में क्या हेयरस्टाइल क्या बॉडी दिखाएला था अभी वैसा कुछ देखनेको नहीं मिलेगा, पर अभी उसका धांसू एक्टिंग देखनेको ज़रूर मिलेगा. वैसा लगातार १२ पिक्चर डुबानेके बाद तो एक्टिंग सीख ही गया होगा. नेल पोलिश में धांसू वकील का काम किया है.

तो स्टोरी ऐसा है, एक ऐसा केस दिखाएला है जो बरसो के बाद एक बार आता है बिलकुल ग्रहण के माफिक! 

स्टार्टिंग में एक पेशेंट काच फोड़ते हुए दिखाएलाय फिर हैडलाइन आती है "फिर एक बार बच्चो की जली हुयी लाश बरामत". फिर एंट्री होता है पुलिस अफसर का  बोले तो समीर धर्माधिकारी का वो अपने फ्रेंड क्रिकेट कोच मानव कौल को मिलने आता है, दोनों सुख दुःख का बात करता है और समीर धर्माधिकारी बोलताय के उसको ५ साल से पड़ा हुआ केस मिला है, वहीच बच्चे लोग का मर्डर वाला फिर अपना इंटरेस्ट और बड़ा, अब आगे दिखायलाय २ कॉलेज का लड़का जंगल में घूमने आते है और उनको एक गाडी जलती हुयी दिखती है फिर अपने भारत के भविष्य दौड़के देखने जाते है तो जली हुयी बच्चों की लाशे दिखती है, फिर पुलिस आती है, उनको गाडी का नंबर बताते है, फिर अपना पुलिस बँगलेमे छापा मारते है और कुछ देखते है फिर सस्पेंस रखेला है. अपना इंटरेस्ट और बढ़ा 

फिर समीर धर्माधिकारी क्रिकेट ग्राउंड में आता है मानव कौल को अरेस्ट करनेको तो भारत के भविष्य बोलेतो युवा खिलाडी उनको पकडनेसे रोकनेकी कोशिश करते है पर बिना मचमच के लेके जाते है, अब एंट्री होती है अपने पहले वकील आनंद तिवारी की, वो अपने बच्चे की बर्थ डे की तैयारी कर रहा होता है उतनेमे केस लडनेका फ़ोन आता है, अब दूसरी एंट्री होती है अपने हीरो अर्जुन रामपाल की, एक लड़की उसको जूता मारती है क्योकि उसको टांग देताय अईसा दिखायलाय, अब मानव कौल को जेल में दिखायलाय, जेल में उसको ज्यादा खाना नहीं देते तो एक कैदी बोलता है इधर का भाई दादा शाह है उसको या तो टैक्स दो या अपनी इज़्ज़त ऐसे में क्रिमिनल जस्टिस की याद आती है.

फिर अर्जुन रामपाल को कोर्ट के लिए छावा बनकर निकलते दिखाया है एकदम डैशिंग निकलते वक़्त वो अपने मरे हुए बाप की फोटो को आय सी यु करके निकलता है, बोलेतो अपुन तेरेको देख रहेला है, अब अपना पहला वकील आनंद तिवारी कोर्ट में खटारा गाडी लेकर आता है फिर कोर्टरूम का ड्रामा चालू होता है, दरबान चिल्लाता है सरकार पधार रहे है और एंट्री होती है रजीत कपूर की ब्योमकेश बक्शी से अब जज बन गयेला है क्या प्रोग्रेस है, तो केस अईसा रहता है ३८ बच्चो के मर्डर का, अब गवाही देने को बुलाते है डेपुटी कमिश्नर समीर धर्माधिकारी को वो भी बिना हेयर डाई किया हुआ आता है पर सफ़ेद बालो में सचमुच का कमिश्नर लग रहा है, तो वो बताता है के पुलिसवालों ने मानव कौल के बँगलेपे छापा मारा तो बच्चे लोग को ज़ंज़ीर से बांधके रखा था फिर अर्जुन रामपाल केस को दूसरे नज़रियेसे दिखाता है फिर मिलती है अगली तारीख,

अब एंट्री होती है मधु की दारू पीकर डांस करतीय, मधु को पहचाना ना "शाम है धुआँ धुआँ" पे जबरदस्त डांस करनेवाली पर इसमें वैसा कुछ नहीं करती वो रजीत कपूर की बीवी दिखायलीय और "ये शाम की तन्हाईया ऐसे में तेरा गम" गाने पे दारु पीकर अकेली झूमती रहतीय. माँ कसम फूल और कांटे में जैसी थी वैसी हीच दिख रहेली थी तो फिर सब लोग मलाइका अरोरा के पीछे कायको भागते है फोटो खीचनेको, मधु के पीछे भागो ना, 

अब जेल में दिखायलाय दादा शाह का चमचा मानव कौल को बोलता है के भाई उसको लाइक करताय, तो वो चुपचाप सुन लेता है और सहेन करता है, फिर अदालत का सीन मानव कौल पर बच्चे लोग को गाला दबाकर और रेप करके मार डालनेका मुकदमा चलता है, बच्चे के माँ बाप रोते हुए गुस्से से मानव के तरफ देखते है, अब जेल में अंडा खाने को मिलता है और दादा शाह का आदमी  मानव कौल को अंडा खाने को नहीं देते तो वो चुपचाप से दादा शाह की तरफ बढ़ता है और चम्मच उसकी आँख में घुसेड़ता है बिलकुल वैसाहीच अपुन ने बचपन में देखा था फिर क्या दादा शाह के पंटर लोग दे धपाधप, दे धपाधप मानव कौल को फोड़ते है, इतना मजबूत मार पड़नेके बाद वो मल्टिपल पर्सनालिटी डिजास्टर का पेशेंट बन जाता है, अब मानव कौल अपनेको जानू रैना बताता है. बोलेतो लड़की का करैक्टर पकड़ लिया उसने फिर जो स्टार्टिंग में जो दिखाया था वो अब दिखायलाय, मतलब कांच तोड़ताय फिर अस्पताल में भर्ती, फिर अर्जुन रामपाल भागके आताय, अब चालू होताय क्लाइमेक्स वो अब पूरा लड़कीका का करैक्टर में बन जाताय, जेल का पंटर लोग उसका मजाक उडाताय.

अब अर्जुन रामपाल को लगताय की वो मज़ाक कर रहेला है वो उसको मजाक बंद करनेको बोलताय फिर टेनिस के माफिक कोर्ट में खेल चालू होता है दामिनी पिक्चर के जैसा, आप लोग देखो मैं नहीं बताएगा. पिक्चर के सस्पेंस को अर्जुन रामपाल ने मस्त खींचा है जैसा जानलेवा गाने में लकड़ा खिंचताय, मधु को देखके लगताय के फूल और कांटे का दूसरा पार्ट ज़रूर बनेगा, फिर अजय देवगन नाचेगा  "जिसे देख मेरा दिल धड़का", रजीत कपूर एकदम सिरियस जज दिखायलाय अपना टेन्शनवाला ज़िन्दगी संखालके जज का नौकरी बड़े अच्छे तरीके से करते हुए दिखायलाय. मानव कौल को देखके लगताय अभी उठके गाना गायेगा "बन मेरी रानी रानी, सुन मेरी".

बोलेतो एकदम टेन्शनवाला माहौल पैदा करता है नेल पोलिश. मैंने अजय देवगन का हक़ीक़त देखा है, कैसा मल्टिपल पर्सनालिटी डिस्ट्रॉयर का सहारा लेकर अक्षय खन्ना को येड़ा बनाता है. हक़ीक़त भी क्या धांसू पिक्चर थी ४४० वोल्ट का झटका, आनंद तिवारी को आल दी बेस्ट और अपुन की तरफ से नेल पोलिश को दस में से नौ खोका!

चुनिंदा पोस्ट

कागज़ हिंदी रिव्यु, kaagaz hindi review

कैसा है मेरा गाववाला और शहरवाला लोग कल अपुन ने मस्त पिक्चर देखा और गांव का दर्शन भी कर लिया | पिक्चर का हीरो अपना वेबसेरीज़ का बादशाह जो थोड़े...

लोकप्रिय पोस्ट